वैदिक यन्त्र

वैदिक यन्त्र संग्रह

— ज्यामितीय शक्ति-यन्त्रों का सम्पूर्ण संग्रह —

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यन्त्र क्या है?

यन्त्र = "यम्" (नियन्त्रण) + "त्र" (साधन) — अर्थात् "मन को नियन्त्रित करने का साधन"। यह एक ज्यामितीय रचना है जो किसी देवता की शक्ति को बिन्दु, त्रिकोण, कमल-दल, और भूपुर के सम्मिलित स्वरूप में प्रकट करती है।

हिन्दू तन्त्र-शास्त्र में यन्त्र को मन्त्र का "शरीर" कहा जाता है — मन्त्र शक्ति है, यन्त्र उसका रूप है। मन्त्र-सिद्ध यन्त्र की उपासना से देवता प्रत्यक्ष कृपा करते हैं।

अष्ट प्रसिद्ध यन्त्र

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यन्त्र के अंग

बिन्दु — परब्रह्म का प्रतीक
त्रिकोण — शिव-शक्ति का संयोग
षट्कोण — आरोह-अवरोह का संतुलन
अष्टकोण — अष्ट-दिक्पाल
कमल-दल — चेतना के स्तर
भूपुर — चार द्वारों वाला वर्ग