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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया, पंचांग, मुहूर्त, राहु काल — सभी प्रश्नों का उत्तर

प्रश्न

10 प्रमुख प्रश्न

चौघड़िया, पंचांग, मुहूर्त, राहु काल, अयनांश, अमान्त-पूर्णिमान्त — हर शंका का समाधान।

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📜 ✦ दश प्रश्न ✦ 📜

Q1

चौघड़िया क्या है?

Aचौघड़िया वैदिक काल विभाजन है जो दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगला सूर्योदय) को 8 बराबर भागों में बाँटता है। प्रत्येक भाग अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल या उद्वेग में वर्गीकृत होता है।

Q2

राहु काल क्या है?

Aराहु काल प्रतिदिन लगभग 1.5 घंटे का अशुभ काल है। दिन को 8 बराबर भागों में बाँटकर सप्ताह के दिन अनुसार निश्चित स्थान पर राहु काल आता है। नये कार्य आरम्भ करना अशुभ माना जाता है।

Q3

पंचांग क्या है?

Aपंचांग का शाब्दिक अर्थ है "पाँच अंग" — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। यह हिन्दू कालगणना पद्धति है जो शुभ मुहूर्त निर्धारण हेतु प्रयुक्त होती है।

Q4

लहिरी अयनांश क्या है?

Aअयनांश उष्णकटिबंधीय (पश्चिमी) और निरयण (वैदिक) राशिचक्र का कोणीय अन्तर है। लहिरी/चित्रपक्ष अयनांश भारत सरकार मान्य है — 2026 में ~24.2°। हमारी गणना लहिरी अयनांश पर आधारित है।

Q5

आपकी गणना कितनी सटीक है?

Aहम उन्नत खगोलीय सूत्रों (मीयस) का प्रयोग करते हैं — 38+ चन्द्र विक्षोभ पद, लहिरी अयनांश। हमारी तिथि/नक्षत्र समाप्ति समय दृक पंचांग से 3 मिनट के भीतर मिलता है, ग्रह स्थिति 0.5° के भीतर — अत्यधिक सटीक।

Q6

अभिजित मुहूर्त क्या है?

Aअभिजित मुहूर्त दोपहर के मध्य में 48 मिनट का सर्वाधिक शुभ काल है — 15 मुहूर्तों में 8वाँ। इस काल में सभी दोष समाप्त होते हैं। अपवाद: बुधवार और दक्षिण दिशा यात्रा में अमान्य।

Q7

अमान्त और पूर्णिमान्त में क्या अन्तर है?

Aअमान्त (माह अमावस्या पर समाप्त) दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, गुजरात में। पूर्णिमान्त (माह पूर्णिमा पर समाप्त) उत्तर भारत, नेपाल में। तिथियाँ वही, माह का नाम भिन्न।

Q8

पंचांग स्थान अनुसार क्यों बदलता है?

Aसूर्योदय/सूर्यास्त स्थान अनुसार बदलता है। वैदिक पंचांग तिथि स्थानीय सूर्योदय पर गणना करता है — दिल्ली में सूर्योदय की तिथि चेन्नई से भिन्न हो सकती है। राहु काल भी सूर्योदय पर निर्भर है।

Q9

क्या विवाह मुहूर्त हेतु उपयोग कर सकते हैं?

Aहमारा पंचांग सटीक तिथि, नक्षत्र, योग और ग्रह डेटा प्रदान करता है। परन्तु विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए योग्य ज्योतिषी से दोनों कुण्डलियों का मिलान कराएँ।

Q10

क्या यह ऐप पूर्णतः ऑफलाइन है?

Aहाँ, सभी खगोलीय गणनाएँ (तिथि, नक्षत्र, योग, करण, ग्रह, सूर्योदय) गणितीय सूत्रों से ऑफलाइन होती हैं। पंचांग के लिए इंटरनेट अनावश्यक। केवल विज्ञापन व टिप्पणी हेतु इंटरनेट चाहिए।

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