हमारे बारे में

✦ मुहूर्त चौघड़िया ✦

भारत का भरोसेमंद शुभ मुहूर्त व पंचांग कैलकुलेटर

🙏नमस्ते

हमारा परिचय

हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को सही समय पर सही जानकारी मिले — चौघड़िया, पंचांग, राहु काल, शुभ मुहूर्त। हम प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ रहे हैं।

निःशुल्क · ऑफलाइन · 8 भाषाएँ · 200+ शहर

हम क्या प्रदान करते हैं

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चौघड़िया

दिन व रात्रि के 8-8 चौघड़िया — शुभ, लाभ, अमृत, चर, रोग, काल, उद्वेग।

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पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राशि — सूर्योदय आधारित वैदिक गणना।

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राहु काल

राहु काल, यमगंड, गुलिक काल — अशुभ समय से बचें।

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200+ शहर

भारत व विश्व के 200+ शहरों के लिए स्थान-आधारित सटीक गणना।

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ज्योतिष उपकरण

कुण्डली मिलान, जन्म कुण्डली, रत्न, रुद्राक्ष, मांगलिक दोष।

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त्यौहार व व्रत

300+ हिन्दू त्यौहार, व्रत, मुहूर्त, क्षेत्रीय पर्व।

हमारी विशेषताएँ

  • लाहिरी अयनांश आधारित निरयण (sidereal) गणना
  • 8 भाषाओं में — हिन्दी, English, बांग्ला, मराठी, तेलुगू, तमिल, गुजराती, कन्नड़
  • पूर्णतः ऑफलाइन कार्य — इंटरनेट अनावश्यक
  • स्वचालित स्थान पहचान, मैन्युअल चयन भी
  • पूर्णतः निःशुल्क — कोई सब्सक्रिप्शन नहीं

हमारा संकल्प

"भारतीय संस्कृति में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार, यात्रा — सही मुहूर्त में कार्य से शुभ फल प्राप्त होते हैं।"

इस प्राचीन ज्ञान को सबके लिए सुलभ बनाने का प्रयास

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तकनीकी विवरण

  • Jean Meeus के Astronomical Algorithms पर आधारित
  • लहिरी अयनांश — सायन से निरयण रूपांतरण
  • 38+ चन्द्र विक्षोभ पद — उच्च परिशुद्धि चन्द्र गणना
  • द्वि-तिथि समर्थन — एक दिन में दो तिथियाँ
  • Progressive Web App — Web + Android/iOS

सम्पादकीय टीम

मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम

पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ

मुहूर्त चौघड़िया हिन्दू पंचांग, चौघड़िया, पर्व-तिथियों एवं वैदिक ज्योतिष के मूल विषयों के लिए एक स्वतन्त्र सन्दर्भ-स्थल है। साइट पर प्रकाशित सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध शास्त्रीय संस्कृत ग्रन्थों — सूर्य सिद्धान्त, बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, मुहूर्त चिन्तामणि — एवं हिन्दू पंचांग से सम्बन्धित मानक सन्दर्भ-ग्रन्थों से संकलित की गयी है।

साइट पर प्रयुक्त खगोलीय गणनाएँ Jean Meeus की प्रसिद्ध पुस्तक "Astronomical Algorithms" (Willmann-Bell, 1998) पर आधारित हैं। सायन (Tropical) से निरयण (Sidereal) रूपान्तरण हेतु लाहिरी अयनांश का उपयोग होता है — यही मानक 1955 में भारत सरकार की "Calendar Reform Committee" द्वारा अपनाया गया था। यह साइट शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है; यह योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी के व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है।

सम्पर्क हेतु: muhuratchoghadiya@gmail.com

सम्पादकीय मानक एवं कार्यप्रणाली

हम पारदर्शिता, सटीकता एवं उपयोगकर्ता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। हमारा प्रत्येक लेख निम्नलिखित प्रक्रिया से प्रकाशित होता है:

  1. 1.सार्वजनिक रूप से उपलब्ध शास्त्रीय संस्कृत ग्रन्थों एवं मानक सन्दर्भ-कृतियों से सामग्री-संग्रह।
  2. 2.Jean Meeus के खगोलीय सूत्रों एवं लाहिरी अयनांश से शास्त्रीय सिद्धान्तों का गणितीय सत्यापन।
  3. 3.सरल हिन्दी एवं अंग्रेजी में लेखन — आम पाठक के लिए सुलभ।
  4. 4.प्रकाशन के पश्चात् नियमित अद्यतन — पंचांग दिनांक प्रति वर्ष नवीनीकृत।
  5. 5.पाठकों की प्रतिक्रिया का स्वागत एवं त्रुटि-सुधार।
  6. 6.व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों हेतु योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श की स्पष्ट सिफ़ारिश।

📚 हमारे प्रमुख स्रोत:

  • Surya Siddhantaशास्त्रीय खगोलीय ग्रन्थ (~5वीं शताब्दी)
  • Brihat Parashara Hora Shastraमहर्षि पाराशर रचित ज्योतिष का आधार ग्रन्थ
  • Muhurta Chintamaniराम दैवज्ञ रचित मुहूर्त-शास्त्र (16वीं शताब्दी)
  • Astronomical Algorithms by Jean Meeusखगोलीय गणना का आधुनिक मानक (Willmann-Bell, 1998)
  • Lahiri Ayanamsaभारत सरकार द्वारा अपनाया गया मानक अयनांश (1955)
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अस्वीकरण

यह वेबसाइट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों हेतु है। सभी गणनाएँ खगोलीय सूत्रों पर आधारित हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए कृपया योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लें। हम किसी भी ज्योतिषीय भविष्यवाणी की गारन्टी नहीं देते।

सर्वे भवन्तु सुखिनः · सर्वे सन्तु निरामयाः