अष्ट लक्ष्मी

अष्ट लक्ष्मी

महालक्ष्मी के आठ स्वरूप — समस्त समृद्धि की देवियाँ

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अष्ट लक्ष्मी परिचय

अन्य नाम / उपाधियाँ: अष्ट लक्ष्मी, अष्ट-शक्ति, अष्ट-मूर्ति लक्ष्मी

अष्ट लक्ष्मी = महालक्ष्मी के आठ प्रकटित स्वरूप, जो जीवन की आठ प्रमुख समृद्धियों को प्रदान करते हैं। ये नाम-रूप विष्णु पुराण एवं अन्य पुराणों में वर्णित हैं। प्रत्येक रूप विशेष-समृद्धि की देवी हैं।

प्रत्येक लक्ष्मी का अपना मन्त्र, बीज एवं प्रतीक-वाहन है। एक साथ इनकी पूजा "अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम्" से की जाती है। दीवाली पर महालक्ष्मी पूजन में आठों रूपों का आह्वान।

दक्षिण भारत के "अष्ट लक्ष्मी मन्दिर" चेन्नई एवं हैदराबाद में प्रसिद्ध हैं। दैनिक उपासना से जीवन में सर्व-दिशा में समृद्धि प्राप्त।

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स्वरूप एवं चित्रण

आठ अलग देवियाँ — प्रत्येक चतुर्भुज, कमलासना, स्वर्ण-वर्णा। प्रत्येक के हाथ में विशेष आयुध — आदि लक्ष्मी कमल, धन लक्ष्मी कलश, धान्य लक्ष्मी अन्न-कलश, गज लक्ष्मी हाथी से अभिषेक, सन्तान लक्ष्मी शिशु, वीर लक्ष्मी अस्त्र-शस्त्र, विजय लक्ष्मी विजय-ध्वज, विद्या लक्ष्मी पुस्तक।

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परिवार एवं सम्बन्ध

मूल स्वरूपश्री महालक्ष्मी
पतिभगवान् विष्णु
धामक्षीर-सागर एवं वैकुण्ठ
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प्रमुख मन्त्र

ॐ ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्म्यै नमः

Om Hreem Shreem Ashta-Lakshmyai Namah

अर्थ: अष्ट लक्ष्मी देवी को सम्मिलित नमस्कार।

सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवि चन्द्र सहोदरि हेममये। मुनिगणवन्दित मोक्षप्रदायिनि मञ्जुलभाषिणि वेदनुते॥ — आदि लक्ष्मी

Sumanasa-vandita Sundari Madhavi · Chandra-sahodari Hema-maye · Muni-gana-vandita Moksha-pradayini · Manjulabhashini Veda-nute · — Adi Lakshmi

अर्थ: अष्ट लक्ष्मी स्तोत्रम् का प्रथम अंश — आदि लक्ष्मी की वन्दना।

दार्शनिक प्रतीक

समस्त समृद्धि एक नहीं — आठ प्रकार की होती है। केवल धन ही "श्री" नहीं — विद्या, सन्तान, वीरता, विजय, अन्न, मूल-तत्त्व, गज (कीर्ति) — सब लक्ष्मी हैं। पूजक जो रूप विशेष चाहता है, उसका विशेष आह्वान करे; परन्तु सबको एक साथ पूजना ही "सम्पूर्ण समृद्धि"।

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अष्ट लक्ष्मी के आठ रूप

🪷1

आदि लक्ष्मी

मूल-स्वरूपा — महालक्ष्मी की प्रथम एवं आदि स्वरूप। शाश्वत-समृद्धि की देवी।

💰2

धन लक्ष्मी

धन-स्वर्ण-रत्न-कोष की देवी। तिजोरी एवं कोष-गृह की रक्षिका।

🌾3

धान्य लक्ष्मी

अन्न, कृषि, खाद्य-समृद्धि की देवी। भूख-निवारणी।

🐘4

गज लक्ष्मी

राज्य-समृद्धि एवं कीर्ति की देवी। दो हाथियों से अभिषेक होती हैं — भूलोक एवं स्वर्ग की कीर्ति।

👶5

सन्तान लक्ष्मी

सन्तान-सुख एवं सन्तति-वृद्धि की देवी। निःसन्तान दम्पति इनकी पूजा करते हैं।

⚔️6

वीर लक्ष्मी

धैर्य-वीरता की देवी। संकट के समय शक्ति प्रदान करती हैं।

🏆7

विजय लक्ष्मी

विजय एवं सफलता की देवी। प्रत्येक प्रयास में विजय प्रदान।

📚8

विद्या लक्ष्मी

विद्या-ज्ञान की देवी। अध्ययन एवं शिक्षा में सफलता।