अक्षय-तृतीया (आखा-तीज) — वैशाख-शुक्ल-तृतीया। पूरे-वर्ष का सबसे-शुभ-दिन। "अक्षय" = "क्षय-न-होने-वाला"। इस-दिन किया कोई भी शुभ-कार्य अक्षय-फल देता। 2026 में अक्षय-तृतीया 3 मई (रविवार)।
पुराण-कथा: ब्रह्मा-जी ने इस-दिन सत्य-युग का प्रारम्भ किया। इसी-दिन व्यास ने महाभारत-लेखन शुरू किया। श्रीकृष्ण ने सुदामा को धन-दिया। बद्रीनाथ-कपाट खुलते इसी-दिन।
✦ अक्षय-तृतीया 2026 — मुहूर्त
तृतीया-तिथि प्रारम्भ: 2 मई 2026 रात्रि 9:30 PM। समाप्त: 3 मई रात्रि 6:00 PM।
अबूझ-मुहूर्त: 3 मई पूरे-दिन। मुहूर्त-न-चाहिए। कोई-भी शुभ-कार्य।
सोना-खरीदारी-मुहूर्त: 3 मई प्रात: 6:00 AM से सायं 5:30 PM। सर्वोत्तम — अभिजित (11:54-12:42 PM)।
विवाह-गृह-प्रवेश-मुहूर्त: पूरे-दिन। अबूझ — पंडित-परामर्श-न-चाहिए।
✦ अक्षय-तृतीया पर 8 श्रेष्ठ-कार्य
1. सोना-चांदी-खरीदारी: साल-भर का सबसे-शुभ-दिन। मूल्य कोई हो — खरीद का मूल्य अक्षय।
2. विवाह: मुहूर्त-न-चाहिए। पुर्ण-शुभ।
3. गृह-प्रवेश: नया-घर। शुभ-वास।
4. नया-व्यापार-कार्यालय: आरम्भ-दिन। दीर्घकालिक-समृद्धि।
5. भूमि-पूजन: निर्माण-शुरू।
6. दान-पुण्य: अन्न, जल, छाता, जूते, वस्त्र, गाय। ब्राह्मण-भोज।
7. तीर्थ-यात्रा: बद्रीनाथ कपाट खुलते। चार-धाम-यात्रा-प्रारम्भ।
8. मन्त्र-दीक्षा: नया-मन्त्र-गुरु से ग्रहण।
✦ क्षेत्रीय-परम्पराएँ
राजस्थान-गुजरात: सोना-खरीदारी प्रमुख। मेहन्दीपुर-बालाजी विशेष-दर्शन।
पंजाब: कृषक-वर्ग नये-फसल-संकल्प।
बंगाल: हलखाता (व्यापारी नया-बही-खाता)।
दक्षिण-भारत: सिम्हाद्रि-कुरण्डी जैसे मन्दिर भीड़।
उत्तराखण्ड: बद्रीनाथ-कपाट-खुलना। चार-धाम यात्रा-प्रारम्भ।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्षय-तृतीया पर सोना न खरीद सकें तो?▼
चांदी का सिक्का, चांदी का बर्तन, या केवल "1 ग्राम सोना" — कुछ-भी सोना-चांदी का प्रतीकात्मक-खरीद। यदि सम्भव न हो — सोना-कुबेर-यन्त्र की पूजा। दान भी समान-फल।
अबूझ-मुहूर्त के अन्य-दिन?▼
3 मुख्य: अक्षय-तृतीया, बसन्त-पंचमी, विजयादशमी। द्वितीय-स्तर: देवउठनी-एकादशी, गुड़ी-पाडवा, हनुमान-जयन्ती। पारम्परिक: गुरु-पुष्य-योग।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।