व्यापार-आरम्भ मुहूर्त 2026

धनतेरस (6 नवम्बर) + गुरु-पुष्य-योग 13 दिन

धनतेरस

6 नवम्बर

दीपावली

8 नवम्बर

अक्षय-तृतीया

3 मई

नया कार्यालय / दुकान / व्यवसाय आरम्भ का मुहूर्त — सबसे महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक-संस्कार। शुभ-मुहूर्त = दीर्घकालिक-समृद्धि का आधार। 2026 में सबसे-शुभ दिन: अक्षय-तृतीया (20 अप्रैल), धनतेरस (6 नवम्बर), दीपावली (8 नवम्बर), गुड़ी-पाडवा (19 मार्च), गुरु-पुष्य-योग (साल में 13 दिन)।

पुराण: कुबेर (धन-देवता) एवं लक्ष्मी का आशीर्वाद। शुभ-दिन में आरम्भ = वर्ष-पर्यन्त समृद्धि। पारम्परिक-व्यापारियों ने सहस्राब्दियों से यह नियम पालन किया।

2026 व्यापार-आरम्भ शुभ-तिथियाँ

अबूझ-मुहूर्त (मुहूर्त-न-चाहिए): अक्षय-तृतीया 20 अप्रैल, विजयादशमी 20 अक्टूबर, गुड़ी-पाडवा 19 मार्च।

धनतेरस: 6 नवम्बर 2026 — व्यापार-आरम्भ + सोना-चांदी खरीदारी का सर्वोच्च-दिन।

दीपावली: 8 नवम्बर 2026 — लक्ष्मी-पूजन के साथ नया-व्यापार-आरम्भ।

गुरु-पुष्य-योग 2026: 22 जनवरी, 19 फरवरी, 19 मार्च, 16 अप्रैल, 14 मई, 11 जून, 9 जुलाई, 6 अगस्त, 3 सितम्बर, 1 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 26 नवम्बर, 24 दिसम्बर।

मास-वार सामान्य-शुभ: माघ 22-29 जनवरी, फाल्गुन 6-25 फरवरी, चैत्र 4-25 मार्च, वैशाख 14-30 अप्रैल, ज्येष्ठ 1-28 मई।

व्यापार-प्रारम्भ की विधि

पूर्व-तैयारी: व्यवसाय-स्थल की पूर्ण-सफाई। वास्तु-निरीक्षण।

मुहूर्त-दिन: प्रात:-स्नान। नये/शुद्ध वस्त्र। मुख्य-द्वार पर तोरण-रंगोली।

सामग्री: गणेश-लक्ष्मी मूर्तियाँ, नारियल, हल्दी, कुंकुम, अक्षत, फूल, मिठाई, कलश, श्री-यन्त्र, कुबेर-यन्त्र।

पूजा-क्रम: 1) गणेश-स्मरण 2) कलश-स्थापना 3) लक्ष्मी-कुबेर-पूजन 4) मुख्य-द्वार पर पंच-तत्त्व-स्वस्तिक 5) पहला-खाता-पुस्तक खोलें 6) पहली-बिक्री श्रद्धा-भाव से 7) ब्राह्मण-भोज/मिठाई-वितरण।

पहली-कमाई: श्रद्धा से रखें — दान न करें। तिजोरी में पहले रखें।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस पर ही व्यापार क्यों श्रेष्ठ?

धन्वन्तरि-जयन्ती। यम-दीप-दान। सोना-चांदी-वाहन-व्यापार-खरीदारी का "Golden Day"। पारम्परिक मान्यता: इस-दिन शुरू व्यापार 13 गुना वृद्धि।

गुरु-पुष्य-योग कितने समय रहता है?

गुरुवार + पुष्य-नक्षत्र संयोग। साल में 12-13 बार। उस-पूरे-दिन (24 घंटे) रहता। दिवस-मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ। सोना-चांदी-व्यापार-खरीदारी सब अति-शुभ।

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सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।