बसन्त पंचमी 2026

23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) — माघ शुक्ल पंचमी

अबूझ-मुहूर्त

पूरे-दिन

मुख्य-पूजा

सरस्वती

रंग

पीला

बसन्त-पंचमी — माघ-शुक्ल-पंचमी। बसन्त-ऋतु का स्वागत। सरस्वती-पूजन। 2026 में 23 जनवरी (शुक्रवार)। यह "अबूझ-मुहूर्त" — कोई भी शुभ-कार्य बिना मुहूर्त-देखे।

भारत के अनेक भागों में मुख्य-त्यौहार: पंजाब (पीला-वस्त्र, पतंग), बंगाल (सरस्वती-पूजा प्रमुख), उत्तर-प्रदेश-राजस्थान-गुजरात (फसल-कटाई-त्यौहार)।

बसन्त-पंचमी का महत्त्व

धार्मिक: सरस्वती-पूजन-दिवस। विद्या-आरम्भ-मुहूर्त।

खगोलीय: सूर्य उत्तरायण-काल में। बसन्त-ऋतु का प्रारम्भ। दिन लम्बे होने लगते।

सांस्कृतिक: सरसों के फूल खिलते — पूरा-उत्तर-भारत पीला। पतंग-उड़ान।

अबूझ-मुहूर्त: इस-दिन कोई-भी शुभ-कार्य — विवाह, गृह-प्रवेश, नया-व्यापार, अक्षर-आरम्भ — सर्व-शुभ।

बसन्त-पंचमी की 7 परम्पराएँ

1. सरस्वती-पूजन: पीले-वस्त्र, पीले-फूल, बूँदी-लड्डू।

2. विद्या-आरम्भ: बच्चे का पहली-बार लिखना सिखाना।

3. पतंग-उड़ान: उत्तर-भारत में आकाश पीली-पतंगों से।

4. पीला-भोजन: केसर-भात, बूँदी, पीले-केले, खांड।

5. नये-वस्त्र: सब परिवारजन पीले-वस्त्र।

6. खेत-पूजन: कृषक नये-फसल-स्वागत के लिए खेत-पूजा।

7. कला-संगीत: नये-वाद्य-यन्त्र की पूजा। नया-राग-अध्ययन।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबूझ-मुहूर्त क्या है?

"अबूझ" = बिना-समझे-शुभ। ऐसा-दिन जब मुहूर्त-देखने की आवश्यकता नहीं। बसन्त-पंचमी, अक्षय-तृतीया, विजयादशमी — 3 मुख्य-अबूझ-मुहूर्त। साल-भर का सबसे-शुभ-दिन।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।