सरस्वती पूजा 2026

23 जनवरी 2026 (शुक्र) — बसन्त पंचमी

पंचमी-तिथि

22 Jan 8 PM-23 Jan 6 PM

पूजा-समय

7:08 AM-12:30 PM

विद्या-आरम्भ

अबूझ-मुहूर्त

सरस्वती-पूजा — विद्या-कला-संगीत-वाणी की देवी सरस्वती की पूजा। मुख्य-दिन बसन्त-पंचमी (माघ-शुक्ल-पंचमी)। 2026 में 23 जनवरी (शुक्रवार)। विद्यार्थी-कलाकार-संगीतकार-शिक्षक के लिए सर्वश्रेष्ठ-दिन।

पुराण: ब्रह्मा ने सृष्टि-रचना के बाद देखा कि उसमें "ध्वनि" नहीं — सब-शान्त। तब अपने मुख से सरस्वती-देवी प्रकट कीं — जो वीणा से ध्वनि-संगीत-वाणी ले आयीं।

सरस्वती-पूजा 2026 — मुहूर्त

पंचमी-तिथि प्रारम्भ: 22 जनवरी 2026 रात्रि 8:00 PM। समाप्त: 23 जनवरी सायं 6:00 PM।

पूजा-मुहूर्त: 23 जनवरी प्रात: 7:08 AM से दोपहर 12:30 PM। अभिजित-मुहूर्त (11:54-12:42) सर्वश्रेष्ठ।

विद्या-आरम्भ-मुहूर्त: बच्चे का "अक्षर-आरम्भ" (पहली बार लिखना) इसी-दिन।

सरस्वती-पूजा की विधि

पूजा-स्थल: सरस्वती-मूर्ति/चित्र। पुस्तकें, पेन, संगीत-वाद्य देवी के चरणों में रखें।

सजावट: पीले/सफेद वस्त्र। पीले-फूल (गेंदा, गुलाब)। पीले-कपड़े देवी को।

सामग्री: पीले-चन्दन, हल्दी-कुंकुम, अक्षत, धूप, दीप, मिठाई (बूँदी-लड्डू पीला)।

मन्त्र: "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" 108 बार। सरस्वती-वन्दना: "या कुन्देन्दु तुषारहार धवला, या शुभ्रवस्त्रावृता..."।

भोग: बूँदी-लड्डू, खीर, पीले-फल (केला), पीले-कपड़े, पुस्तक-पेन (दान)।

विद्या-आरम्भ: बच्चे की उँगली पकड़कर पहली-बार "अ", "आ", "ॐ" लिखाएँ। पीले-चावल पर।

समापन: आरती। प्रसाद-वितरण विद्यार्थियों में।

विद्यार्थियों के लिए विशेष

बसन्त-पंचमी पर पुस्तकें-पेन-कलम सरस्वती-चरणों में रखें — विद्या-वर्ष का संकल्प।

इस-दिन नया-कोर्स/विषय आरम्भ करें — विशेष-शुभ।

"बच्चे का अक्षर-आरम्भ" (पहली बार लिखना सिखाना) — पारम्परिक प्रथा।

पीला-वस्त्र पहनें। पीला-भोजन।

सरस्वती-यन्त्र पढ़ाई-स्थल पर। दैनिक-वन्दना।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीला-रंग ही क्यों?

पीला = बृहस्पति-रंग = ज्ञान। बसन्त-ऋतु में सरसों के फूल खिलते — पीला-प्रकृति। मनोवैज्ञानिक: पीला-रंग एकाग्रता-स्मरण-शक्ति बढ़ाता।

सरस्वती-पूजा बंगाल में अधिक प्रसिद्ध?

हाँ — बंगाल में बसन्त-पंचमी "मुख्य-त्यौहार"। पंडाल-पंडाल सरस्वती-पूजा। दक्षिण-भारत में नवरात्रि-नवमी पर सरस्वती-पूजन। उत्तर-भारत में दोनों।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।