दीपावली पूजा विधि 2026

8 नवम्बर 2026 (रविवार) — सायं 6:30-8:30 PM

प्रदोष-काल

5:42-8:14 PM

मुख्य-पूजा

6:30-8:30 PM

महानिशीथ

11:39-12:30 AM

दीपावली-पूजा-विधि — सम्पूर्ण घर-व्यापारिक पूजन-प्रक्रिया। 8 नवम्बर 2026 (रविवार) को मुख्य-दीपावली। प्रदोष-काल + वृषभ-लग्न + अमावस्या-तिथि सर्वोत्तम संयोग।

पूजा-समय (दिल्ली): सायं 6:30 PM - 8:30 PM। महानिशीथ-काल (तंत्र-साधक) रात्रि 11:39 PM - 12:30 AM।

दीपावली-पूजा सम्पूर्ण-विधि (12 चरण)

1. प्रदोष-काल (सूर्यास्त ± 2.5 घंटे): दिल्ली में 5:42 PM से 8:14 PM। मुख्य-पूजा-काल।

2. पूजा-स्थल: चौकी पर लाल-वस्त्र। महालक्ष्मी + गणेश-मूर्ति। साथ में सरस्वती (विद्या) एवं कुबेर (धन-कोष)।

3. कलश-स्थापना: पीतल के कलश में पवित्र-जल + सिक्का + पंचरत्न + 5 आम के पत्ते + नारियल।

4. गणेश-स्मरण: "वक्रतुण्ड महाकाय" 11 बार। सर्व-विघ्न-नाश। पहले गणेश, फिर लक्ष्मी।

5. लक्ष्मी-गणेश-षोडशोपचार-पूजन: स्नान, वस्त्र, गन्ध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य।

6. श्रीसूक्त-पाठ: ऋग्वेद-संहिता के 16 श्लोक। 11 बार पाठ श्रेष्ठ।

7. कनकधारा-स्तोत्र (आदि शंकराचार्य रचित): धन-वृद्धि का चमत्कारी-स्तोत्र।

8. व्यापारी-वर्ग: नया-बही (account-book) पूजन। पहली-इन्ट्री "श्री गणेशाय नमः" से शुरू।

9. तिजोरी-पूजन: तिजोरी पर हल्दी-कुंकुम। पहले-दिन रखने वाला धन रात-भर रहे।

10. भोग: खीर, पूरी, हलवा, बेसन-लड्डू, खांड-नारियल। तुलसी-पत्र (विष्णु-स्वरूप-कारण)।

11. आरती + दीप-दान: "ॐ जय लक्ष्मी माता" आरती। घर के सब-कोनों में दीपक।

12. रात्रि-दीप: पूरी-रात मुख्य-द्वार के बाहर एवं घर के अन्दर निरन्तर-दीप। महालक्ष्मी का स्वागत।

पूजा-सामग्री Checklist

मूर्ति/यन्त्र: महालक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, कुबेर। श्रीयन्त्र, कुबेर-यन्त्र। चांदी की लक्ष्मी-गणेश जोड़ी श्रेष्ठ।

पञ्चामृत: दूध-दही-शहद-घी-शक्कर। गंगाजल अलग।

फूल: कमल (लक्ष्मी-प्रिय), गेंदा, गुलाब, मोगरा। पीले-सफेद विशेष।

फल: अनार (समृद्धि), केला, अमरूद, सेब। 5 या 7 प्रकार।

मिठाई: खीर, हलवा, लड्डू, बर्फी, पेड़ा, खांड-नारियल। घर पर बनी श्रेष्ठ।

अन्य: नारियल, सुपारी, हल्दी, कुंकुम, अक्षत, चन्दन, धूप, दीप, घी, कपूर, मौली, जनेऊ।

दीप-व्यवस्था: मिट्टी के 51, 101, या 108 दीप। मुख्य-द्वार पर 2 बड़े दीप।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली-पूजा कब करें — दिन या रात्रि?

मुख्य-पूजा प्रदोष-काल (सूर्यास्त के 2.5 घंटे बाद-तक) में। यह 6:30 PM - 8:30 PM (दिल्ली)। दिवस-पूजा भी सम्भव — पर रात्रि-प्रदोष-काल विशेष-शुभ। तंत्र-साधक के लिए महानिशीथ-काल (11:39 PM-12:30 AM)।

क्या गणेश-स्थापना अनिवार्य?

हाँ — पूर्ण-अनिवार्य। बिना-गणेश की लक्ष्मी-पूजा अधूरी। पारम्परिक-कारण: गणेश "विघ्न-नाशक" — लक्ष्मी का मार्ग प्रशस्त। चांदी की लक्ष्मी-गणेश जोड़ी सर्वोत्तम।

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सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।