भाई दूज 2026

10 नवम्बर 2026 (मंगलवार) — कार्तिक शुक्ल द्वितीया

द्वितीया-तिथि

9 Nov 7 PM-10 Nov 5:30 PM

तिलक-मुहूर्त

11 AM-1:30 PM

राहु-काल टालें

3-4:30 PM

भाई-दूज (यम-द्वितीया) — दीपावली के 2 दिन बाद, कार्तिक-शुक्ल-द्वितीया। 2026 में भाई-दूज 10 नवम्बर (मंगलवार)। बहन भाई के माथे पर तिलक, मीठा खिलाती। भाई बहन की रक्षा का संकल्प + उपहार।

पुराण-कथा: मृत्यु-देव यम अपनी बहन यमुना से मिलने गये। यमुना ने अति-स्नेह से तिलक-भोजन किया। यम ने बहन को वर दिया — इस-दिन जो बहन भाई को तिलक करेगी, उसका भाई दीर्घायु होगा।

भाई-दूज 2026 — मुहूर्त

द्वितीया-तिथि प्रारम्भ: 9 नवम्बर 2026 रात्रि 7:00 PM। समाप्त: 10 नवम्बर रात्रि 5:30 PM।

तिलक-मुहूर्त: 10 नवम्बर प्रात: 11:00 AM - दोपहर 1:30 PM (अभिजित-मुहूर्त सहित)।

अपराह्न-मुहूर्त: दोपहर 1:30 - 4:00 PM भी शुभ।

राहु-काल टालें: 10 नवम्बर मंगलवार राहु-काल 3:00-4:30 PM।

भाई-दूज की विधि

पूर्व-तैयारी: भाई बहन के घर जाये (पारम्परिक)। बहन शुद्ध-वस्त्र पहने।

भोजन-तैयारी: बहन भाई के लिए विशेष-व्यंजन — बेसन-लड्डू, पूरी-हलवा, खीर, मिठाई।

थाली: रोली, चावल, मिठाई, दीपक, सिक्का, फूल। कुछ स्थानों पर नारियल।

तिलक: बहन भाई के माथे पर रोली-तिलक। चावल लगायें। दीप-आरती। मिठाई खिलायें।

मन्त्र (बहन का): "गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यम को। सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे, मेरे भैया का जीवन सदा बढ़े।"

भाई: बहन को उपहार दे — कपड़े, गहने, धन। रक्षा-वचन।

भोजन-समापन: बहन भाई को विशेष-भोजन कराये। भाई के सम्मान में परिवार साथ-भोजन।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई-बहन दूर हों तो?

पारम्परिक: यदि भाई बहन के घर न जा सके — बहन भाई के घर जाये। आधुनिक: यदि दोनों दूर हों — video-call पर मानसिक-तिलक। उपहार-कूरियर। बाद में मिलने पर पुनः-तिलक।

क्या भाई-दूज के तिलक के बाद भाई दूसरों के यहाँ खाये?

पारम्परिक मान्यता: तिलक के बाद भाई पहले-भोजन बहन के हाथ से ले। दिन-भर अन्य-स्थानों पर भोजन-वर्जित। आधुनिक: यदि अन्य-कार्य से भोजन कहीं और हो — पहले बहन के हाथ से कुछ-मीठा या एक-कौर।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।