रक्षा-बन्धन — भाई-बहन का प्रेम-त्यौहार। श्रावण-पूर्णिमा पर बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है — भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता। 2026 में रक्षा-बन्धन 28 अगस्त (शुक्रवार)। भद्रा-काल के बाद राखी बाँधनी चाहिए।
इतिहास: सबसे प्राचीन उल्लेख वेदों में। राजा बलि एवं इन्द्राणी (शची) की कथा। द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को राखी बाँधी — कृष्ण ने वस्त्र-हरण के समय रक्षा की। मेवाड़ की रानी कर्णावती ने सम्राट हुमायूँ को राखी भेजी। आधुनिक-काल में सिर्फ भाई-बहन-त्यौहार बन गया — पर मूल-अर्थ "रक्षा-वचन" — किसी-भी सम्बन्ध में।
✦ रक्षा-बन्धन 2026 — मुहूर्त एवं भद्रा
श्रावण-पूर्णिमा प्रारम्भ: 27 जुलाई 2026 (सोम) रात्रि 11:30 PM। पूर्णिमा-समाप्त: 28 जुलाई रात्रि 9:00 PM।
भद्रा-काल (28 जुलाई प्रात:): प्रात: 5:42 AM से 1:53 PM तक। भद्रा में राखी बाँधना वर्जित — रावण की बहन शूर्पणखा ने भद्रा-काल में राखी बाँधी थी।
राखी-बाँधने का मुहूर्त: 28 जुलाई दोपहर 1:53 PM के बाद से रात्रि 9:00 PM तक। श्रेष्ठ-समय: अभिजित (11:54-12:42 PM) — पर भद्रा हो तो उसके बाद।
राखी-काल: 28 जुलाई 1:54 PM - 4:30 PM (शुभ चौघड़िया)।
✦ राखी-बाँधने की विधि
भाई पूर्व-दिशा-मुख आसन पर बैठे। बहन उसके सामने थाली के साथ खड़ी।
थाली में: रोली, चावल, मिठाई, दीपक, राखी।
बहन भाई के माथे पर तिलक करे। चावल लगाये। दीपक-आरती करे। मिठाई खिलाये।
फिर दाहिने-हाथ की कलाई पर राखी बाँधे — मन्त्र: "येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"
भाई बहन को उपहार/धन दे — रक्षा-वचन के साथ।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भद्रा-काल में राखी क्यों वर्जित?▼
पुराण-मान्यता: रावण की बहन शूर्पणखा ने भद्रा-काल में राखी बाँधी थी — रावण-वध हुआ। तभी से भद्रा अशुभ। 2026 में 28 जुलाई की भद्रा सुबह 5:42 AM से दोपहर 1:53 PM तक — इस-काल में राखी न बाँधें।
दूर रहने वाले भाई को राखी कैसे भेजें?▼
पारम्परिक तरीका: डाक से अग्रिम भेजें — पूर्णिमा-दिन भाई स्वयं बाँध ले। आधुनिक: video-call पर "मानसिक-राखी"। राखी पहले से भेज दें — भाई दिन पर बाँध ले।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।