रक्षा बन्धन 2026

28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) — श्रावण पूर्णिमा

भद्रा-काल

5:42 AM - 1:53 PM

राखी मुहूर्त

1:54 - 9:00 PM

श्रेष्ठ-समय

1:54 - 4:30 PM

रक्षा-बन्धन — भाई-बहन का प्रेम-त्यौहार। श्रावण-पूर्णिमा पर बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है — भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता। 2026 में रक्षा-बन्धन 28 अगस्त (शुक्रवार)। भद्रा-काल के बाद राखी बाँधनी चाहिए।

इतिहास: सबसे प्राचीन उल्लेख वेदों में। राजा बलि एवं इन्द्राणी (शची) की कथा। द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को राखी बाँधी — कृष्ण ने वस्त्र-हरण के समय रक्षा की। मेवाड़ की रानी कर्णावती ने सम्राट हुमायूँ को राखी भेजी। आधुनिक-काल में सिर्फ भाई-बहन-त्यौहार बन गया — पर मूल-अर्थ "रक्षा-वचन" — किसी-भी सम्बन्ध में।

रक्षा-बन्धन 2026 — मुहूर्त एवं भद्रा

श्रावण-पूर्णिमा प्रारम्भ: 27 जुलाई 2026 (सोम) रात्रि 11:30 PM। पूर्णिमा-समाप्त: 28 जुलाई रात्रि 9:00 PM।

भद्रा-काल (28 जुलाई प्रात:): प्रात: 5:42 AM से 1:53 PM तक। भद्रा में राखी बाँधना वर्जित — रावण की बहन शूर्पणखा ने भद्रा-काल में राखी बाँधी थी।

राखी-बाँधने का मुहूर्त: 28 जुलाई दोपहर 1:53 PM के बाद से रात्रि 9:00 PM तक। श्रेष्ठ-समय: अभिजित (11:54-12:42 PM) — पर भद्रा हो तो उसके बाद।

राखी-काल: 28 जुलाई 1:54 PM - 4:30 PM (शुभ चौघड़िया)।

राखी-बाँधने की विधि

भाई पूर्व-दिशा-मुख आसन पर बैठे। बहन उसके सामने थाली के साथ खड़ी।

थाली में: रोली, चावल, मिठाई, दीपक, राखी।

बहन भाई के माथे पर तिलक करे। चावल लगाये। दीपक-आरती करे। मिठाई खिलाये।

फिर दाहिने-हाथ की कलाई पर राखी बाँधे — मन्त्र: "येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"

भाई बहन को उपहार/धन दे — रक्षा-वचन के साथ।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भद्रा-काल में राखी क्यों वर्जित?

पुराण-मान्यता: रावण की बहन शूर्पणखा ने भद्रा-काल में राखी बाँधी थी — रावण-वध हुआ। तभी से भद्रा अशुभ। 2026 में 28 जुलाई की भद्रा सुबह 5:42 AM से दोपहर 1:53 PM तक — इस-काल में राखी न बाँधें।

दूर रहने वाले भाई को राखी कैसे भेजें?

पारम्परिक तरीका: डाक से अग्रिम भेजें — पूर्णिमा-दिन भाई स्वयं बाँध ले। आधुनिक: video-call पर "मानसिक-राखी"। राखी पहले से भेज दें — भाई दिन पर बाँध ले।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।