वैद्यनाथ ज्योतिर्लिङ्ग — झारखण्ड के देवघर में। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 9वाँ। "वैद्य-नाथ" = रोग-निवारक। रोग-मुक्ति का धाम।
51 शक्ति-पीठों में एक — हृदय-भाग। शिव+सती दोनों।
✦ पौराणिक-कथा
रावण ने शिव की कठोर-तपस्या की।
शिव ने ज्योतिर्लिङ्ग दिया लंका ले-जाने हेतु।
शर्त: मार्ग में भूमि पर न रखें।
मार्ग में रावण ने ब्राह्मण (विष्णु-छद्म) को लिङ्ग दिया।
ब्राह्मण ने भूमि पर रखा। लिङ्ग वहीं स्थापित।
देवघर का अर्थ: देवों का घर।
✦ श्रावणी-मेला
श्रावण-माह (जुलाई-अगस्त): विश्व का सबसे-बड़ा मेला।
सुल्तानगंज (बिहार) से देवघर तक 105 किमी पैदल कांवड़-यात्रा।
40+ लाख कांवड़िये।
पीला-वस्त्र पहने।
गंगा-जल लेकर आते।
सोमवार-विशेष।
✦ दर्शन
सुबह 4:00 — दोपहर 3:30।
सायं 6:00 — रात्रि 10:00।
सर्व-दर्शन: निःशुल्क।
VIP-दर्शन: ₹500।
अभिषेक-बुकिंग।
सावन में 24-घण्टे खुला।
✦ पहुँच
नज़दीकी रेलवे: जसीडीह (8 किमी)।
हवाई: देवघर हवाई-अड्डा (10 किमी)।
कोलकाता: 380 किमी।
पटना: 280 किमी।
सड़क-मार्ग सरल।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावणी-मेला कब जायें?▼
श्रावण-सोमवार सर्वाधिक-शुभ। 2026 में सावन: 21 जुलाई — 19 अगस्त। भीड़-शिखर सोमवार।
कांवड़-यात्रा का अर्थ?▼
भक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लाते। 105 किमी पैदल। शिव को अर्पण। मनोकामना-पूर्ति।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।