सोमवार-व्रत — भगवान शिव को समर्पित साप्ताहिक-व्रत। श्रावण-सोमवार सर्वश्रेष्ठ। पूरे-वर्ष का प्रत्येक-सोमवार भी। 16 सोमवार-व्रत = "सोलह-सोमवार" विशेष-अनुष्ठान।
फल: पति-दीर्घायु (अविवाहित-कन्याओं के लिए मनवांछित-वर), सन्तान-प्राप्ति, मानसिक-शान्ति, चन्द्र-दोष-निवारण, शिव-कृपा।
✦ 2026 श्रावण-सोमवार
श्रावण-मास 2026: 14 जुलाई से 12 अगस्त।
4 श्रावण-सोमवार 2026: 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त, 10 अगस्त।
प्रत्येक-सोमवार शिव-अभिषेक + व्रत = बोनस-पुण्य।
✦ सोमवार-व्रत विधि
प्रात: स्नान। श्वेत वस्त्र। शिव-स्थापना/शिवलिंग।
दिन-भर निर्जला (कठोर) या फलाहार।
पञ्चामृत-अभिषेक: दूध-दही-शहद-घी-शक्कर। फिर गंगाजल।
बिल्व-पत्र, धतूरा, भांग (शिव-प्रिय)। सफेद-फूल। चन्दन-तिलक।
मन्त्र: "ॐ नमः शिवाय" 108 बार। महामृत्युञ्जय-मन्त्र 21 बार।
सायं: सोमवार-कथा। शिव-चालीसा। आरती।
पारण: सायं या रात्रि (कुछ-शाखा अगले-दिन सूर्योदय बाद)।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16-सोमवार-व्रत क्यों विशेष?▼
पुत्र-प्राप्ति, मनचाहे-वर के लिए विशेष। 16 सोमवार लगातार। पारम्परिक-कथा: माता-पार्वती ने शिव-प्राप्ति हेतु यह-व्रत किया था।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।