शुक्रवार व्रत 2026

प्रत्येक शुक्रवार — माँ-लक्ष्मी/सन्तोषी-माँ

देवी

लक्ष्मी/सन्तोषी

प्रसाद

चना-गुड़

वर्जित

खट्टा

शुक्रवार-व्रत — माँ-लक्ष्मी, सन्तोषी-माँ, माँ-दुर्गा को समर्पित। शुक्र-ग्रह-शान्ति। 2026 में प्रत्येक-शुक्रवार। फल: धन-वृद्धि, सौन्दर्य, दाम्पत्य-सुख, सौभाग्य।

16 शुक्रवार सन्तोषी-माँ-व्रत — विशेष पारिवारिक-शान्ति-कलह-निवारण।

शुक्रवार-व्रत-विधि

प्रात: स्नान। सफेद/गुलाबी वस्त्र।

लक्ष्मी/सन्तोषी-माँ-स्थापना। श्री-यन्त्र।

दिन-भर फलाहार। चना-गुड़ का प्रसाद (सन्तोषी-व्रत में अनिवार्य)।

पूजा: पञ्चामृत-स्नान। चन्दन-तिलक। गुलाब/सफेद-फूल।

मन्त्र: "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" 108 बार।

सन्तोषी-व्रत: कथा-श्रवण। चना-गुड़-प्रसाद-वितरण।

विशेष: शुक्रवार खट्टा (नींबू, इमली, अमचूर) न खाएँ।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 शुक्रवार के बाद उद्यापन?

हाँ। 17वें शुक्रवार पर 8 ब्राह्मण-कन्या-भोज। सन्तोषी-माँ की कथा। प्रसाद-वितरण।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।