मंगलवार-व्रत — हनुमान-जी एवं मंगल-ग्रह को समर्पित। मांगलिक-दोष, ऋण-मुक्ति, साहस-वृद्धि के लिए। 21 या 51 मंगलवार-व्रत = विशेष-अनुष्ठान।
फल: मांगलिक-दोष-निवारण, सब-संकट-नाश, आर्थिक-स्थिरता, शत्रु-नाश, स्वास्थ्य-वृद्धि।
✦ मंगलवार-व्रत-विधि
प्रात: स्नान। लाल/केसरी वस्त्र।
हनुमान-स्थापना। सिन्दूर, चमेली-तेल का अभिषेक।
दिन-भर फलाहार। मांस-मदिरा-तामसिक त्याग।
भोग: गुड़-चना-बूँदी-लड्डू।
मन्त्र: हनुमान-चालीसा 11 बार। बजरंग-बाण। सुन्दरकाण्ड (विशेष-दिन)।
मंगल-ग्रह-दोष: "ॐ अं अंगारकाय नमः" 108 बार।
पारण: सायं हल्का-भोजन। मीठा (गुड़-गेहूँ की रोटी)।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
8-मंगलवार सुन्दरकाण्ड क्यों?▼
मांगलिक-दोष-निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। 8 लगातार-मंगलवार सुन्दरकाण्ड-पाठ + हनुमान-चालीसा।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।