काशी विश्वनाथ

वाराणसी में 12-ज्योतिर्लिङ्ग का मूल-धाम

मंगला-आरती

3:00 AM

गंगा-आरती

7:00 PM

विशेष

मोक्ष-स्थल

काशी विश्वनाथ — वाराणसी (काशी) में गंगा-तट पर। 12-ज्योतिर्लिङ्ग का मूल-धाम। शिव-नगरी काशी का प्रमुख-मन्दिर।

मान्यता: काशी में मृत्यु = मोक्ष। शिव स्वयं तारक-मन्त्र (राम-नाम) कान में बोलते।

काशी-विश्वनाथ-कॉरिडोर

2021 में पुनरुद्धार। प्रधानमन्त्री मोदी ने उद्घाटन।

5 लाख वर्ग फीट विस्तार।

मन्दिर से ललिता-घाट तक सीधा-मार्ग।

यात्रियों के लिए: विश्राम, भोजन, शौचालय।

शीघ्र-दर्शन: 30 मिनट (पूर्व 4-6 घण्टे)।

दर्शन और आरती

मंगला-आरती: 3:00 AM (₹500 बुकिंग)।

भोग-आरती: 11:15 AM।

सायं-आरती: 7:00 PM।

श्रृंगार-आरती: 9:00 PM।

शयन-आरती: 10:30 PM।

सामान्य-दर्शन: 4 AM — 11 PM।

VIP-दर्शन: ₹300।

काशी के 7 तीर्थ

1. ज्ञानवापी-कूप।

2. विशालाक्षी-मन्दिर (शक्ति-पीठ)।

3. कालभैरव-मन्दिर।

4. अन्नपूर्णा-मन्दिर।

5. दशाश्वमेध-घाट (गंगा-आरती)।

6. मणिकर्णिका-घाट (मोक्ष-स्थल)।

7. विश्वनाथ-गली (पुराना-बाजार)।

गंगा-आरती

दशाश्वमेध-घाट: सायं 6:30 — 7:30 PM (शीत), 7:00 — 8:00 PM (गर्मी)।

7 पुजारी एक-साथ। 5-तत्व-आरती।

नाव से देखना श्रेष्ठ: ₹100-200।

कार्तिक-पूर्णिमा (देव-दीपावली): अति-विशेष।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काशी में 1 दिन कितना?

मन्दिर 30 मिनट + काल-भैरव 30 मिनट + गंगा-आरती 90 मिनट + सारनाथ (बौद्ध-स्थल) 2 घण्टे।

मणिकर्णिका-घाट क्यों?

अनादि-काल से चिता-स्थल। माना: यहाँ-दाह = मोक्ष-गारंटी। 24×7 चिता-जलती।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।