गंगा-स्नान — पवित्र-नदी गंगा में स्नान का धार्मिक-कर्म। पाप-नाश + मोक्ष-मार्ग। श्रावण-सोमवार, मकर-संक्रान्ति, गंगा-दशहरा, कार्तिक-पूर्णिमा, कुम्भ-मेला विशेष।
मुख्य-स्थल: हरिद्वार (हर की पौड़ी), वाराणसी (दशाश्वमेध-घाट), प्रयागराज (त्रिवेणी-संगम), गंगासागर (बंगाल)।
✦ गंगा-स्नान का धार्मिक-महत्त्व
मनुस्मृति: "गंगा-स्नान करोति यः, सर्व-पाप-विनाशनम्।"
भगीरथ-कथा: सूर्यवंशी-पूर्वजों के मोक्ष हेतु पृथ्वी पर अवतरण।
सहस्र-अश्वमेध-यज्ञ के बराबर-पुण्य।
अकाल-मृत्यु-निवारण।
✦ विधि
प्रात: सूर्योदय-समय श्रेष्ठ।
दक्षिण-दिशा-मुख। तिल-मिश्रित जल।
3 डुबकी। प्रत्येक "ॐ नमो गंगायै नमः" मन्त्र।
सूर्य-अर्घ्य।
तर्पण: पितरों को।
दान: तिल, गुड़, वस्त्र।
नया-वस्त्र पहनकर मन्दिर-दर्शन।
✦ 2026 गंगा-स्नान-तिथियाँ
मकर-संक्रान्ति: 14 जनवरी।
मौनी-अमावस्या: 17 फरवरी।
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी।
गंगा-दशहरा: 26 मई।
गुरु-पूर्णिमा: 29 जुलाई।
कार्तिक-पूर्णिमा: 24 अक्टूबर।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गंगा-न-पास हो तो?▼
घर के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान। मानसिक-गंगा-स्मरण। फल समान।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।