महाकालेश्वर-मन्दिर — मध्य-प्रदेश के उज्जैन में 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 3रा। एकमात्र दक्षिण-मुखी ज्योतिर्लिङ्ग। महाकाल = काल का काल = मृत्यु पर विजय।
भस्म-आरती (4 बजे प्रातः): विश्व-प्रसिद्ध। चिता-भस्म से शिव-स्नान। अद्वितीय-अनुष्ठान।
✦ भस्म-आरती
प्रातः 4:00 बजे आरम्भ। 6:00 बजे तक।
परम्परागत: ताज़ा-चिता-भस्म। आधुनिक: पवित्र-भस्म (कपिला-गाय-गोबर का)।
पुरुष: मात्र धोती। स्त्री: साड़ी (केवल आरती-दर्शन तक)।
बुकिंग ऑनलाइन (shrimahakaleshwar.com): ₹100।
सीमित प्रवेश। 30 दिन पूर्व बुक करें।
✦ दर्शन और नियम
सामान्य-दर्शन: निःशुल्क, 4 AM — रात 11 PM।
VIP-दर्शन (₹250): शीघ्र-प्रवेश।
अभिषेक-बुकिंग: ₹750-1500।
सोमवार और श्रावण-सोमवार में अति-भीड़।
मोबाइल, चमड़ा, सिलाई-वस्त्र वर्जित।
✦ उज्जैन के अन्य-दर्शन
कालभैरव-मन्दिर: मद्य-अर्पण की अनोखी-परम्परा।
हरसिद्धि-मन्दिर: 51 शक्ति-पीठ।
मंगलनाथ-मन्दिर: मंगल-दोष-निवारण।
सिद्धवट: संगम-तट।
पंचक्रोशी-यात्रा: कार्तिक-मास।
✦ काल-गणना और उज्जैन
प्राचीन-काल में भारतीय-समय की मध्य-रेखा (जीरो-मेरिडियन) उज्जैन से।
सम्राट विक्रमादित्य का राज्य।
खगोलीय-वेधशाला (यन्त्र-महल): 16वीं सदी।
कुम्भ-मेला: 12 वर्षों में एक बार। अगला 2028।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भस्म-आरती के लिए कैसे?▼
30 दिन पूर्व shrimahakaleshwar.com से ₹100। पुरुष-धोती अनिवार्य। 3 AM तक पहुँचें।
महाकाल और मंगल-दोष?▼
मंगल का जन्म-स्थान उज्जैन (मंगलनाथ-मन्दिर)। मंगल-दोष-निवारण के लिए विशेष-पूजा।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।