श्रीमद् भागवतम्

18 महापुराणों में सर्वोच्च — व्यास-रचित

स्कन्ध

12

श्लोक

18,000

मुख्य

10वाँ कृष्ण-लीला

श्रीमद्-भागवत-पुराण — 18 महापुराणों में सर्वोच्च। 12 स्कन्ध, 18,000 श्लोक। वेदव्यास-रचित।

कथावस्तु: सृष्टि से कृष्ण-निर्वाण तक। मुख्य: 10वाँ-स्कन्ध (कृष्ण-लीला)। राजा परीक्षित को शुक-देव ने 7 दिनों में सुनाया।

12 स्कन्ध-संक्षेप

1-2: सृष्टि-तत्त्व, अवतार-संक्षेप।

3-4: ब्रह्मा-नारद, ध्रुव।

5-6: नर्क-स्वर्ग, अजामिल-कथा।

7-8: प्रह्लाद, गजेन्द्र, समुद्र-मन्थन।

9: सूर्यवंश, चन्द्रवंश, राम-कथा।

10: **कृष्ण-लीला** (सबसे बड़ा)।

11: उद्धव-गीता।

12: कलि-युग, मार्कण्डेय।

मुख्य-शिक्षाएँ

भक्ति श्रेष्ठ-मार्ग।

9 भक्ति-प्रकार: श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, वन्दन, दास्य, सख्य, आत्म-निवेदन।

कलियुग में नाम-संकीर्तन ही श्रेष्ठ।

भागवत-धर्म = प्रेम-धर्म।

कृष्ण = परम-तत्त्व।

पाठ-विधि

नित्य 1-2 अध्याय।

सम्पूर्ण-पाठ: 30-90 दिन।

सप्ताह-पाठ (भागवत-सप्ताह): 7 दिन।

गुरु से अध्ययन श्रेष्ठ।

सम्पूर्ण-पाठ-फल: मोक्ष।

हिन्दी-अनुवाद उपलब्ध (गीता-प्रेस)।

विशेष-दिन

भागवत-जयन्ती: भाद्रपद शुक्ल नवमी।

कृष्ण-जन्माष्टमी।

उत्थान-एकादशी से शुरू मास-पाठ।

गोवर्धन-पूजा।

कार्तिक-मास।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गीता और भागवतम् में चयन?

गीता: 700 श्लोक, सार। भागवतम्: 18000 श्लोक, विस्तार। दोनों पूरक। गीता पहले।

भागवतम् कब-लिखी?

व्यास द्वारा महाभारत-पश्चात (~3000 ईसा-पूर्व)। शुकदेव ने परीक्षित को सुनाया।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।