कृष्ण-लीला — श्रीकृष्ण के बाल्य-काल की दिव्य-घटनाएँ। मथुरा-वृन्दावन-गोकुल में। श्रीमद्-भागवत-पुराण के 10वें-स्कन्ध में वर्णित।
मुख्य-लीलाएँ: माखन-चोरी, गोप-सखा, गोवर्धन, रास, कंस-वध। भक्ति-मार्ग का सर्वोच्च-स्रोत।
✦ जन्म-लीला
कंस-कारागार में देवकी-वसुदेव। भाद्रपद कृष्ण-अष्टमी, मध्य-रात्रि।
यमुना-पार करके गोकुल। यशोदा-नन्द के घर।
पुतना-वध (विष-स्तन्य)।
शकटासुर-वध (बैलगाड़ी-राक्षस)।
तृणावर्त-वध (बवण्डर-राक्षस)।
✦ बाल-लीला
माखन-चोरी।
यमुना में कालिय-नाग-दमन।
गोवर्धन-धारण: इन्द्र-गर्व-भंग।
गोपियों संग रास-लीला (शरद-पूर्णिमा)।
चीर-हरण: ब्रह्मचर्य-शिक्षा।
मुरली-वादन: सब-जीव वशीभूत।
✦ किशोर-लीला
मथुरा-गमन: कंस-वध।
उग्रसेन-राज्य-स्थापना।
सान्दीपनि-गुरुकुल।
मित्र-सुदामा।
द्वारका-निर्माण।
रुक्मिणी-हरण।
16,108 पत्नियाँ (मूल-8 + 16,100 नरकासुर-कैद)।
✦ पाठ-स्थल
मथुरा (कृष्ण-जन्मभूमि)।
वृन्दावन (बाल-लीला)।
गोवर्धन (पर्वत-धारण)।
गोकुल (माखन-चोरी)।
द्वारका (राज्य)।
कुरुक्षेत्र (गीता-उपदेश)।
सब को साथ कृष्ण-यात्रा कहते।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रास-लीला सत्य या प्रतीकात्मक?▼
दोनों। ऐतिहासिक-घटना + आत्म-परमात्म-मिलन का प्रतीक। भक्तों के लिए साक्षात।
कृष्ण की 16,108 पत्नियाँ?▼
8 मुख्य + 16,100 नरकासुर-कैद से मुक्त। उन्हें समाज में सम्मान-सुरक्षा हेतु विवाह।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।