कृष्ण लीला

श्रीकृष्ण के बाल्य की दिव्य-घटनाएँ

स्रोत

भागवत 10

मुख्य-स्थल

6

विशेष-लीला

रास-गोवर्धन

कृष्ण-लीला — श्रीकृष्ण के बाल्य-काल की दिव्य-घटनाएँ। मथुरा-वृन्दावन-गोकुल में। श्रीमद्-भागवत-पुराण के 10वें-स्कन्ध में वर्णित।

मुख्य-लीलाएँ: माखन-चोरी, गोप-सखा, गोवर्धन, रास, कंस-वध। भक्ति-मार्ग का सर्वोच्च-स्रोत।

जन्म-लीला

कंस-कारागार में देवकी-वसुदेव। भाद्रपद कृष्ण-अष्टमी, मध्य-रात्रि।

यमुना-पार करके गोकुल। यशोदा-नन्द के घर।

पुतना-वध (विष-स्तन्य)।

शकटासुर-वध (बैलगाड़ी-राक्षस)।

तृणावर्त-वध (बवण्डर-राक्षस)।

बाल-लीला

माखन-चोरी।

यमुना में कालिय-नाग-दमन।

गोवर्धन-धारण: इन्द्र-गर्व-भंग।

गोपियों संग रास-लीला (शरद-पूर्णिमा)।

चीर-हरण: ब्रह्मचर्य-शिक्षा।

मुरली-वादन: सब-जीव वशीभूत।

किशोर-लीला

मथुरा-गमन: कंस-वध।

उग्रसेन-राज्य-स्थापना।

सान्दीपनि-गुरुकुल।

मित्र-सुदामा।

द्वारका-निर्माण।

रुक्मिणी-हरण।

16,108 पत्नियाँ (मूल-8 + 16,100 नरकासुर-कैद)।

पाठ-स्थल

मथुरा (कृष्ण-जन्मभूमि)।

वृन्दावन (बाल-लीला)।

गोवर्धन (पर्वत-धारण)।

गोकुल (माखन-चोरी)।

द्वारका (राज्य)।

कुरुक्षेत्र (गीता-उपदेश)।

सब को साथ कृष्ण-यात्रा कहते।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रास-लीला सत्य या प्रतीकात्मक?

दोनों। ऐतिहासिक-घटना + आत्म-परमात्म-मिलन का प्रतीक। भक्तों के लिए साक्षात।

कृष्ण की 16,108 पत्नियाँ?

8 मुख्य + 16,100 नरकासुर-कैद से मुक्त। उन्हें समाज में सम्मान-सुरक्षा हेतु विवाह।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।