जगन्नाथ-मन्दिर — ओडिशा के पुरी में। बड़ा-चार-धाम में पूर्व-धाम। 12वीं सदी का। कृष्ण-बलराम-सुभद्रा (तीन-भाई-बहन) की लकड़ी-प्रतिमाएँ।
हर 12-19 वर्ष: नवकलेवर — पुराने प्रतिमाएँ बदली जातीं नए नीम-वृक्ष की।
✦ मन्दिर-विशेषताएँ
ध्वज: हमेशा हवा के विपरीत-दिशा में।
छाया-नहीं: मन्दिर-शिखर की।
सिंह-द्वार पार-करते ही समुद्र-ध्वनि बन्द।
अन्दर: सुनाई दे।
भोग: 56 प्रकार दैनिक। 56-भोग।
महाप्रसाद: कभी कम-नहीं — चाहे 1000 या 1 लाख यात्री।
रसोई विश्व की सबसे-बड़ी।
✦ रथ-यात्रा
जून-जुलाई (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया)।
3 रथ — कृष्ण (नन्दीघोष), बलराम (तालध्वज), सुभद्रा (दर्पदलन)।
45-50 फीट ऊँचे। 14-16 पहिए।
भक्तों को रथ खींचना — विशेष-पुण्य।
3 किमी की यात्रा गुण्डीचा-मन्दिर तक।
9 दिन गुण्डीचा में रहते। बहुडा-यात्रा से वापसी।
2026 रथ-यात्रा: 16 जुलाई।
✦ दर्शन-नियम
गैर-हिन्दू को अनुमति-नहीं (सख्त परम्परा)।
दर्शन-समय: सुबह 5 — रात्रि 12।
VIP-दर्शन: ₹500।
सामान्य-दर्शन: निःशुल्क, 1-3 घण्टे।
केवल-धोती (पुरुष), साड़ी (स्त्री) — सिले-वस्त्र वर्जित (कुछ-दर्शन-कक्षों में)।
चमड़ा निषिद्ध।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रथ-यात्रा 2026 कब?▼
16 जुलाई 2026 (बृहस्पतिवार)। बहुडा-यात्रा: 24 जुलाई।
गैर-हिन्दू दर्शन?▼
मन्दिर-अन्दर अनुमति-नहीं। बाहर रघुनन्दन-पुस्तकालय की छत से दर्शन (मन्दिर-शिखर का)।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।