गोवर्धन-पूजा — दीपावली के अगले-दिन (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा)। श्रीकृष्ण ने इन्द्र-गर्व-भंग करने हेतु गोवर्धन-पर्वत उठाया। उसी-स्मृति में।
अन्य-नाम: अन्नकूट। 56-भोग कृष्ण को अर्पित।
✦ पौराणिक-कथा
वृन्दावन के गोप इन्द्र की पूजा करते।
कृष्ण ने कहा: "इन्द्र-नहीं, गोवर्धन-पर्वत और गाय हमारे आधार।"
इन्द्र क्रोधित। 7 दिनों की मूसलाधार-वर्षा।
कृष्ण ने 7 वर्ष की आयु में गोवर्धन कनिष्ठा-अंगुली पर उठाया।
सम्पूर्ण-वृन्दावन को आश्रय।
7 दिन बाद इन्द्र पराजित-स्वीकार। कृष्ण-चरणों में।
✦ 2026 गोवर्धन
तिथि: 9 नवम्बर 2026 (सोमवार)।
दीपावली से अगला-दिन।
भाई-दूज से एक-दिन पहले।
✦ पूजा-विधि
गाय के गोबर से गोवर्धन-आकृति आँगन में।
गोवर्धन के ऊपर-कृष्ण-मूर्ति।
फूल, धूप, दीप।
56-भोग: 56 प्रकार के व्यंजन (अन्नकूट)।
दूध-दही-खीर अनिवार्य।
परिक्रमा: 7/11 बार।
आरती: "गोवर्धन-धरण-गिरि" आरती।
सायं: गाय-पूजन।
✦ विशेष-स्थल
गोवर्धन-पर्वत (मथुरा से 22 किमी): 21 किमी परिक्रमा।
दण्डवत-परिक्रमा: 7-15 दिन में पूर्ण।
नन्द-गाँव, बरसाना, गोकुल — साथ-यात्रा।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
56-भोग की संख्या क्यों?▼
कृष्ण को बाल-काल में दिन में 8 बार भोजन। 7 दिन × 8 बार = 56 भोग गोवर्धन-धारण के दौरान न खा सके। फिर सब अर्पित।
गोवर्धन-परिक्रमा कब?▼
कार्तिक-पूर्णिमा से अमावस्या तक श्रेष्ठ। दीपावली-काल विशेष। 21 किमी, 5-7 घण्टे पैदल।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।