गोवर्धन पूजा

दीपावली के अगले-दिन — कृष्ण-गोवर्धन-धारण

2026 तिथि

9 नवम्बर

भोग

56 प्रकार

परिक्रमा

21 किमी

गोवर्धन-पूजा — दीपावली के अगले-दिन (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा)। श्रीकृष्ण ने इन्द्र-गर्व-भंग करने हेतु गोवर्धन-पर्वत उठाया। उसी-स्मृति में।

अन्य-नाम: अन्नकूट। 56-भोग कृष्ण को अर्पित।

पौराणिक-कथा

वृन्दावन के गोप इन्द्र की पूजा करते।

कृष्ण ने कहा: "इन्द्र-नहीं, गोवर्धन-पर्वत और गाय हमारे आधार।"

इन्द्र क्रोधित। 7 दिनों की मूसलाधार-वर्षा।

कृष्ण ने 7 वर्ष की आयु में गोवर्धन कनिष्ठा-अंगुली पर उठाया।

सम्पूर्ण-वृन्दावन को आश्रय।

7 दिन बाद इन्द्र पराजित-स्वीकार। कृष्ण-चरणों में।

2026 गोवर्धन

तिथि: 9 नवम्बर 2026 (सोमवार)।

दीपावली से अगला-दिन।

भाई-दूज से एक-दिन पहले।

पूजा-विधि

गाय के गोबर से गोवर्धन-आकृति आँगन में।

गोवर्धन के ऊपर-कृष्ण-मूर्ति।

फूल, धूप, दीप।

56-भोग: 56 प्रकार के व्यंजन (अन्नकूट)।

दूध-दही-खीर अनिवार्य।

परिक्रमा: 7/11 बार।

आरती: "गोवर्धन-धरण-गिरि" आरती।

सायं: गाय-पूजन।

विशेष-स्थल

गोवर्धन-पर्वत (मथुरा से 22 किमी): 21 किमी परिक्रमा।

दण्डवत-परिक्रमा: 7-15 दिन में पूर्ण।

नन्द-गाँव, बरसाना, गोकुल — साथ-यात्रा।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

56-भोग की संख्या क्यों?

कृष्ण को बाल-काल में दिन में 8 बार भोजन। 7 दिन × 8 बार = 56 भोग गोवर्धन-धारण के दौरान न खा सके। फिर सब अर्पित।

गोवर्धन-परिक्रमा कब?

कार्तिक-पूर्णिमा से अमावस्या तक श्रेष्ठ। दीपावली-काल विशेष। 21 किमी, 5-7 घण्टे पैदल।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।