महा-मन्त्र: "हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥" 16-शब्द, 32-अक्षर।
कलि-सन्तरण-उपनिषद् में प्रथम उल्लेख। चैतन्य महाप्रभु (16वीं सदी) ने विश्व-प्रसारित। ISKCON द्वारा वैश्विक।
✦ अर्थ
"हरे" = श्री-राधा (या भक्ति-शक्ति)।
"कृष्ण" = सर्व-आकर्षक।
"राम" = आनन्द-स्रोत।
मन्त्र-अर्थ: "हे राधा! हे कृष्ण! हे राम! कृपया मुझे अपनी सेवा में लगायें।"
✦ जप-विधि
तुलसी-माला (108 दाने)।
दैनिक न्यूनतम 1 माला।
ISKCON: 16 माला/दिन।
स्नान-शुद्ध। पूर्व/उत्तर-मुख।
धीमी, स्पष्ट, भाव-सहित।
✦ चार-नियम (ISKCON)
1. मांस-मछली-अण्डा त्याग।
2. नशा (शराब, चाय/कॉफी, तम्बाकू, ड्रग्स) त्याग।
3. अवैध-यौन-सम्बन्ध त्याग।
4. जुआ त्याग।
✦ लाभ
कलि-युग में मात्र नाम-संकीर्तन से मुक्ति।
मानसिक-शान्ति।
चिन्ता-अवसाद-नाश।
हृदय-शुद्धिकरण।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मांस-छोड़ना क्यों ज़रूरी?▼
तामसिक-भोजन मानसिक-कम्पन कम करता।
मन-न-लगे तो?▼
सामान्य प्रारम्भ में। निरन्तर-अभ्यास से धीरे-धीरे रस।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।