विष्णु सहस्रनाम

महाभारत में भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को दिये 1000 नाम

नाम

1000

श्लोक

108

पाठ-समय

30-40 मिनट

विष्णु-सहस्रनाम — महाभारत के अनुशासन-पर्व में भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को दिये 1000 विष्णु-नाम। 108 श्लोक। दैनिक-पाठ से सर्व-पाप-नाश, सर्व-इच्छा-पूर्ति।

शंकराचार्य ने भाष्य लिखा।

पाठ-विधि

पवित्र-स्नान। पीला-वस्त्र।

विष्णु-प्रतिमा सम्मुख।

दीप, धूप, तुलसी-पत्र, कमल/पीला-पुष्प।

गणेश-पूजन। संकल्प।

108 श्लोक का पूरा-पाठ। ~30-40 मिनट।

समापन: फलाहार-नैवेद्य।

अन्त: "श्री-कृष्णार्पणमस्तु"।

मुख्य-नाम

विश्वम् (विश्व-व्यापी)।

विष्णुः (सब में व्याप्त)।

भूतभव्यभवत्प्रभुः (काल का स्वामी)।

भूतकृत् (सृष्टि-कर्ता)।

परमात्मा (सर्वोच्च-आत्मा)।

मुक्तानां परमा गतिः (मुक्तों की गति)।

... (और 994 नाम)।

पाठ के लाभ

मानसिक-शान्ति, चिन्ता-नाश।

सब प्रकार के रोग-निवारण।

धन-समृद्धि।

सन्तान-सुख।

मोक्ष-मार्ग।

पाठ-विशेष-दिन: एकादशी, गुरुवार, शनिवार, पूर्णिमा।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूरा-पाठ कितना समय?

30-40 मिनट सामान्य।

संस्कृत न-आये तो?

हिन्दी-अनुवाद-सहित। मन्त्र-शक्ति शब्द-कम्पन से।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।