विष्णु-सहस्रनाम — महाभारत के अनुशासन-पर्व में भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को दिये 1000 विष्णु-नाम। 108 श्लोक। दैनिक-पाठ से सर्व-पाप-नाश, सर्व-इच्छा-पूर्ति।
शंकराचार्य ने भाष्य लिखा।
✦ पाठ-विधि
पवित्र-स्नान। पीला-वस्त्र।
विष्णु-प्रतिमा सम्मुख।
दीप, धूप, तुलसी-पत्र, कमल/पीला-पुष्प।
गणेश-पूजन। संकल्प।
108 श्लोक का पूरा-पाठ। ~30-40 मिनट।
समापन: फलाहार-नैवेद्य।
अन्त: "श्री-कृष्णार्पणमस्तु"।
✦ मुख्य-नाम
विश्वम् (विश्व-व्यापी)।
विष्णुः (सब में व्याप्त)।
भूतभव्यभवत्प्रभुः (काल का स्वामी)।
भूतकृत् (सृष्टि-कर्ता)।
परमात्मा (सर्वोच्च-आत्मा)।
मुक्तानां परमा गतिः (मुक्तों की गति)।
... (और 994 नाम)।
✦ पाठ के लाभ
मानसिक-शान्ति, चिन्ता-नाश।
सब प्रकार के रोग-निवारण।
धन-समृद्धि।
सन्तान-सुख।
मोक्ष-मार्ग।
पाठ-विशेष-दिन: एकादशी, गुरुवार, शनिवार, पूर्णिमा।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूरा-पाठ कितना समय?▼
30-40 मिनट सामान्य।
संस्कृत न-आये तो?▼
हिन्दी-अनुवाद-सहित। मन्त्र-शक्ति शब्द-कम्पन से।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।