भगवद्गीता — महाभारत के भीष्म-पर्व में 18 अध्याय, 700 श्लोक। कुरुक्षेत्र-युद्ध-भूमि पर श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को उपदेश। हिन्दू-धर्म का सर्वाधिक-पठित-ग्रन्थ।
तीन-योग: कर्म, भक्ति, ज्ञान। आत्मा-अमर, शरीर-नाशवान। निष्काम-कर्म ही जीवन-धर्म।
✦ 18 अध्यायों का संक्षेप
1. अर्जुन-विषाद-योग — मोह-संशय।
2. सांख्य-योग — आत्मा-अमर, स्थितप्रज्ञ-लक्षण।
3. कर्म-योग — निष्काम-कर्म।
4. ज्ञान-कर्म-संन्यास-योग — अवतार-तत्त्व।
5-8. कर्म-संन्यास, ध्यान, ज्ञान-विज्ञान, अक्षर-ब्रह्म।
9-11. राजविद्या, विभूति, विश्वरूप-दर्शन।
12. भक्ति-योग।
13-17. क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ, गुण, पुरुषोत्तम, दैवासुर, श्रद्धा।
18. मोक्ष-संन्यास-योग।
✦ मुख्य-शिक्षाएँ
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" — कर्म पर ही अधिकार, फल पर नहीं।
"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत" — धर्म-हानि पर अवतार।
"सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज" — सब-धर्म छोड़ मेरी शरण।
गुण-त्रय: सत्त्व-रजस्-तमस्। मन-नियन्त्रण।
✦ अध्ययन-कैसे
प्रतिदिन एक-अध्याय।
गीता-पाठ हिन्दी-अनुवाद-सहित।
गीता-जयन्ती (मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी) पर सम्पूर्ण-पाठ।
15वाँ अध्याय — दैनिक-पाठ।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गीता कब-लिखी गयी?▼
महाभारत-काल। वेदव्यास द्वारा संकलित। 700 श्लोक।
सबसे महत्वपूर्ण-अध्याय?▼
12वाँ (भक्ति-योग) सरलतम। 2रा (आत्म-तत्त्व) मूल। 18वाँ (निचोड़) सम्पूर्ण।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।