जन्माष्टमी व्रत विधि

4 सितम्बर 2026 (शुक्र) — भाद्रपद कृष्ण अष्टमी

सप्तमी-रात्रि

हल्का भोजन

मध्य-रात्रि

11:50 PM-12:45 AM

पारण

5 Sep सूर्योदय बाद

जन्माष्टमी-व्रत-विधि — श्री-कृष्ण के जन्म-दिवस का कठोर-व्रत। निशीथ-काल (मध्य-रात्रि) में मुख्य-पूजा। 4 सितम्बर 2026 (शुक्र) मुख्य-दिन।

सम्पूर्ण-व्रत-विधि

सप्तमी-रात्रि: हल्का-सात्विक भोजन। सूर्यास्त-बाद कुछ-नहीं।

अष्टमी-प्रात: स्नान। पीला/नीला वस्त्र। संकल्प।

दिन-भर निर्जला/फलाहारी। चावल-वर्जित।

108 बार "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"। हरे-कृष्ण-महामन्त्र।

सायं: कृष्ण-कथा। भागवत-दशम-स्कन्ध। ISKCON-दर्शन।

मध्य-रात्रि (11:50 PM-12:45 AM): मुख्य-पूजा। पञ्चामृत-अभिषेक। बाल-कृष्ण को झूला।

मक्खन-मिश्री-तुलसी भोग। आरती।

पारण: स्मार्त 5 सितम्बर सूर्योदय बाद। वैष्णव रात्रि 9 PM बाद।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दही-हाण्डी कब?

5 सितम्बर 2026 — जन्माष्टमी के अगले-दिन। महाराष्ट्र-गुजरात मुख्य।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।