भागवत सप्ताह

7-दिन का अखण्ड-भागवत-पाठ — मोक्ष-दायक

दिन

7

श्लोक

18,000

स्कन्ध

12

भागवत-सप्ताह — श्रीमद्-भागवत-पुराण का 7-दिन का अखण्ड-पाठ। 18,000 श्लोकों का सम्पूर्ण-वर्णन। मोक्ष-दायक।

12 स्कन्ध: सृष्टि, अवतार, कृष्ण-लीला, गोवर्धन, रास, उद्धव-गीता, शुक-परीक्षित-संवाद।

7-दिन-वितरण

**दिन 1**: स्कन्ध 1-2 (सृष्टि, ब्रह्मा-नारद)।

**दिन 2**: स्कन्ध 3-4 (वराह, ध्रुव)।

**दिन 3**: स्कन्ध 5-6 (नर्क-स्वर्ग, अजामिल)।

**दिन 4**: स्कन्ध 7-8 (प्रह्लाद, गजेन्द्र, समुद्र-मन्थन)।

**दिन 5**: स्कन्ध 9-10 (कृष्ण-जन्म, बाल-लीला)।

**दिन 6**: स्कन्ध 10 शेष (रास-लीला, कंस-वध)।

**दिन 7**: स्कन्ध 11-12 (उद्धव-गीता, परीक्षित-मोक्ष)।

आयोजन-विधि

प्रामाणिक-कथावाचक (पण्डित)।

साफ-स्वच्छ-स्थान।

मण्डप-निर्माण: फूलों, केले-स्तम्भ।

कलश-स्थापना।

गणेश-पूजन प्रथम।

संकल्प।

दैनिक 4-6 घण्टे प्रवचन।

सायं-आरती।

भोग-वितरण।

7वें-दिन समापन-यज्ञ।

फल और लाभ

सर्व-पाप-नाश।

पितृ-तृप्ति।

मनोकामना-पूर्ति।

परिवार-शान्ति।

मोक्ष-सम्भावना।

कथा-स्थल पवित्र।

परीक्षित-राजा को 7 दिन में मोक्ष मिला।

खर्च और तैयारी

पण्डित-दक्षिणा: ₹50,000-2,00,000 (प्रतिष्ठा-अनुसार)।

मण्डप-सजावट: ₹25,000-1,00,000।

भोग-प्रसाद-वितरण: ₹50,000+।

कुल: ₹2-5 लाख घर-आयोजन।

सामूहिक-सस्ता।

परिवार-मित्र-सहयोग।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागवत-सप्ताह क्यों 7 दिन?

राजा परीक्षित को 7 दिनों में मृत्यु-शाप था। शुकदेव ने 7 दिन भागवत सुनाई। मोक्ष मिला। तब से परम्परा।

घर पर सम्भव?

हाँ। न्यूनतम-मण्डप-परिवार-सहयोग। पण्डित-व्यवस्था। सायं-घण्टे ही पर्याप्त। 7 शनिवार/रविवार में भी कर सकते।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।