सोमनाथ-मन्दिर (वेरावल, गुजरात) — 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम। समुद्र-तट पर। मोहम्मद-गज़नवी द्वारा 17 बार लूटा-नष्ट किया गया, 17 बार पुनर्निर्माण। 1947 में सरदार पटेल ने अंतिम-पुनर्निर्माण।
भगवान कृष्ण ने इसी-तट पर देह-त्याग किया। चन्द्र (सोम) ने तपस्या से शिव से वर पाया।
✦ दर्शन-समय
सोमनाथ मन्दिर: प्रात: 6:00 AM - रात्रि 9:00 PM।
आरती: प्रात: 7 AM, दोपहर 12 PM, सायं 7 PM।
लाइट-एण्ड-साउण्ड शो: सायं 8:00-9:00 PM।
महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) सर्वोच्च-दर्शन-दिवस।
श्रावण-सोमवार: 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त, 10 अगस्त 2026 — विशेष।
✦ यात्रा-योजना
नज़दीकी हवाई-अड्डा: कीशोद (50 km), राजकोट (200 km)।
रेल: सोमनाथ-स्टेशन (मन्दिर से 2 km)।
सड़क: द्वारका 230 km, अहमदाबाद 415 km, मुम्बई 900 km।
आवास: सोमनाथ ट्रस्ट गेस्ट-हाउस, होटल।
पास के दर्शनीय: द्वारका (नागेश्वर ज्योतिर्लिंग), गिर अभयारण्य।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रेष्ठ-यात्रा-समय?▼
अक्टूबर-मार्च (शीत-काल)। अप्रैल-जून बहुत-गर्म। मानसून (जुलाई-सितम्बर) समुद्र-उफान।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।