सप्त-चक्र — मानव-शरीर के 7 ऊर्जा-केन्द्र, मेरुदण्ड के आसपास। प्रत्येक का अपना रंग, बीज-मन्त्र, देवता, तत्त्व।
चक्र-संतुलन = स्वास्थ्य, मानसिक-शान्ति, आध्यात्मिक-उन्नति। असन्तुलन = रोग, चिन्ता।
✦ 7 चक्र-विवरण
1. **मूलाधार** (Root): रीढ़-आधार। 4 दल। लाल। बीज: लं। तत्त्व: पृथ्वी। देवता: गणेश।
2. **स्वाधिष्ठान** (Sacral): नाभि से 2 इंच नीचे। 6 दल। नारंगी। बीज: वं। तत्त्व: जल। देवता: ब्रह्मा।
3. **मणिपूर** (Solar Plexus): नाभि। 10 दल। पीला। बीज: रं। तत्त्व: अग्नि। देवता: विष्णु।
4. **अनाहत** (Heart): हृदय। 12 दल। हरा। बीज: यं। तत्त्व: वायु। देवता: शिव।
5. **विशुद्ध** (Throat): कण्ठ। 16 दल। नीला। बीज: हं। तत्त्व: आकाश। देवता: सदाशिव।
6. **आज्ञा** (Third Eye): भौंहों के बीच। 2 दल। इण्डिगो। बीज: ओं। देवता: अर्धनारीश्वर।
7. **सहस्रार** (Crown): शिर-शीर्ष। 1000 दल। बैंगनी/श्वेत। ध्वनि: मौन। शिव-शक्ति-मिलन।
✦ चक्र-असन्तुलन-लक्षण
मूलाधार-असन्तुलन: असुरक्षा, भय, आर्थिक-समस्या।
स्वाधिष्ठान: यौन-समस्या, रचनात्मकता-कमी।
मणिपूर: आत्म-विश्वास-कमी, पाचन।
अनाहत: हृदय-रोग, प्रेम-कमी।
विशुद्ध: संवाद-कठिनाई, गला-समस्या।
आज्ञा: निर्णय-कठिनाई, सिर-दर्द।
सहस्रार: आध्यात्मिक-शून्यता।
✦ चक्र-सन्तुलन-तकनीक
**योग**: प्रत्येक-चक्र के विशेष-आसन।
**प्राणायाम**: नाड़ी-शोधन, कपालभाति।
**बीज-मन्त्र-जप**: 108 बार दैनिक।
**ध्यान**: चक्र-दर्शन, रंग-कल्पना।
**क्रिस्टल-थेरेपी**: चक्र-रंग-पत्थर।
**आहार**: चक्र-रंग-भोजन।
**आरोमा**: आवश्यक-तेल।
✦ दैनिक 5-मिनट चक्र-ध्यान
सुखासन में बैठें।
मूलाधार से आरम्भ। लाल-कमल कल्पना। "लं" 7 बार।
क्रमशः ऊपर। प्रत्येक-चक्र पर रंग और बीज-मन्त्र।
सहस्रार पर पहुँच कर मौन।
अन्त: सब चक्र चमकीले-कल्पना।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चक्र वैज्ञानिक हैं?▼
चक्र-स्थानों पर शरीर के मुख्य-तंत्रिका-गुच्छ (ganglia) मिलते। एण्डोक्राइन-ग्रंथियाँ चक्र-स्थानों से सम्बद्ध। आधुनिक-विज्ञान धीरे-धीरे स्वीकार रहा।
चक्र खोलने में कितना समय?▼
दैनिक-अभ्यास से 41 दिन में सूक्ष्म-अनुभव। 1-3 वर्ष में दृश्यमान-परिवर्तन। पूर्ण-जागृति जीवन-भर का लक्ष्य।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।