पञ्च-महाभूत — सृष्टि के 5 मूल-तत्व: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश। हर वस्तु इन-5 के संयोग से। सांख्य-वेदान्त-आयुर्वेद का मूल।
✦ 5-तत्व-स्वभाव
1. पृथ्वी: स्थिरता, गन्ध-गुण। शरीर: हड्डी, मांस, त्वचा।
2. जल: तरलता, रस-गुण। शरीर: रक्त, लसीका, मूत्र।
3. अग्नि: ऊष्णता, रूप-गुण। शरीर: तापमान, पाचन, दृष्टि।
4. वायु: गति, स्पर्श-गुण। शरीर: श्वास, परिसंचरण, तन्त्रिका।
5. आकाश: स्थान, शब्द-गुण। शरीर: कोशिकाओं के बीच रिक्त-स्थान।
✦ पंच-तन्मात्रा (सूक्ष्म)
पृथ्वी → गन्ध (नाक)।
जल → रस (जीभ)।
अग्नि → रूप (आँख)।
वायु → स्पर्श (त्वचा)।
आकाश → शब्द (कान)।
✦ आयुर्वेद-त्रिदोष
वात = वायु + आकाश।
पित्त = अग्नि + (थोड़ा जल)।
कफ = पृथ्वी + जल।
सन्तुलन = स्वास्थ्य।
✦ 5-तत्व-पूजा
पंच-उपचार-पूजा 5-तत्वों के समर्पण: गन्ध (पृथ्वी), पुष्प (जल), दीप (अग्नि), धूप (वायु), नैवेद्य (आकाश)।
मन्दिर: गर्भ-गृह आकाश। प्रकाश अग्नि। जल-कलश जल। फूल पृथ्वी। धूप-धुआँ वायु।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
5-तत्व-असन्तुलन कैसे ठीक?▼
योग-प्राणायाम (वायु)। उपवास (अग्नि)। ध्यान (आकाश)। जल-स्नान। नंगे-पाँव चलें (पृथ्वी)।
पंच-भौतिक-शरीर अमर-आत्मा से कैसे जुड़ा?▼
5-तत्व = स्थूल-शरीर। प्राण-तन्मात्रा-मन = सूक्ष्म-शरीर। आत्मा = कारण-शरीर।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।