हवन/यज्ञ — अग्नि में आहुति देकर देवताओं को आमन्त्रण। वेद-काल का मूल-कर्म। शुद्धिकरण, मनोकामना-पूर्ति, ग्रह-शान्ति।
✦ हवन-सामग्री
हवन-कुण्ड (पीतल/लोहे का)।
समिधा (आम/पीपल/बेल): 21 छोटे टुकड़े।
घृत (शुद्ध-गाय का): 250-500 ग्राम।
हवन-सामग्री: तिल, जौ, चावल, गुग्गल, चन्दन, नवधान्य, सूखे-मेवे, घी-मिश्रित।
कलश-नारियल। दीप। धूप। फूल।
✦ हवन-विधि
1. पवित्रीकरण: स्नान। संकल्प। गणेश-पूजन।
2. कलश-स्थापना: ईशान-कोण।
3. अग्नि-स्थापन: मन्त्र "ॐ अग्नये नमः"।
4. देव-आवाहन।
5. आहुति: प्रत्येक मन्त्र-समाप्ति "स्वाहा" बोलकर।
6. पूर्णाहुति: नारियल-समर्पण।
7. आरती। प्रसाद-वितरण।
✦ मन्त्र-संख्या
सामान्य: 11/21/108 आहुति।
नवग्रह-हवन: प्रत्येक-ग्रह 28-108।
गायत्री-हवन: 1008/10000 आहुति।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घर पर हवन सम्भव?▼
हाँ। बाल्कनी/आँगन/स्वच्छ-कमरा। धुआँ-निकास। फायर-सेफ्टी ज़रूरी।
हवन कब करें?▼
गृह-प्रवेश, विवाह, जन्मदिन, संकट, ग्रह-दोष, नई-शुरुआत, अमावस्या/पूर्णिमा।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।