हवन विधि

अग्नि-यज्ञ की संपूर्ण-विधि — सामग्री और मन्त्र

आहुति

11/21/108

समिधा

21 टुकड़े

घी

250-500g

हवन/यज्ञ — अग्नि में आहुति देकर देवताओं को आमन्त्रण। वेद-काल का मूल-कर्म। शुद्धिकरण, मनोकामना-पूर्ति, ग्रह-शान्ति।

हवन-सामग्री

हवन-कुण्ड (पीतल/लोहे का)।

समिधा (आम/पीपल/बेल): 21 छोटे टुकड़े।

घृत (शुद्ध-गाय का): 250-500 ग्राम।

हवन-सामग्री: तिल, जौ, चावल, गुग्गल, चन्दन, नवधान्य, सूखे-मेवे, घी-मिश्रित।

कलश-नारियल। दीप। धूप। फूल।

हवन-विधि

1. पवित्रीकरण: स्नान। संकल्प। गणेश-पूजन।

2. कलश-स्थापना: ईशान-कोण।

3. अग्नि-स्थापन: मन्त्र "ॐ अग्नये नमः"।

4. देव-आवाहन।

5. आहुति: प्रत्येक मन्त्र-समाप्ति "स्वाहा" बोलकर।

6. पूर्णाहुति: नारियल-समर्पण।

7. आरती। प्रसाद-वितरण।

मन्त्र-संख्या

सामान्य: 11/21/108 आहुति।

नवग्रह-हवन: प्रत्येक-ग्रह 28-108।

गायत्री-हवन: 1008/10000 आहुति।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घर पर हवन सम्भव?

हाँ। बाल्कनी/आँगन/स्वच्छ-कमरा। धुआँ-निकास। फायर-सेफ्टी ज़रूरी।

हवन कब करें?

गृह-प्रवेश, विवाह, जन्मदिन, संकट, ग्रह-दोष, नई-शुरुआत, अमावस्या/पूर्णिमा।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।