पतंजलि-योग-सूत्र — योग-दर्शन का मूल-ग्रन्थ। महर्षि पतंजलि-रचित (~200 ईसा-पूर्व)। 196 सूत्र, 4 पाद।
योग का परिभाषा: "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः" — मन की वृत्तियों का निरोध = योग।
✦ 4 पाद (अध्याय)
1. **समाधि-पाद** (51 सूत्र): योग-परिभाषा, चित्त-वृत्ति, समाधि-प्रकार।
2. **साधन-पाद** (55 सूत्र): क्रिया-योग, क्लेश, अष्टांग-योग।
3. **विभूति-पाद** (56 सूत्र): धारणा-ध्यान-समाधि (संयम), सिद्धियाँ।
4. **कैवल्य-पाद** (34 सूत्र): मुक्ति, प्रकृति-पुरुष, कैवल्य।
✦ 5 चित्त-वृत्तियाँ
1. प्रमाण: सही-ज्ञान।
2. विपर्यय: गलत-ज्ञान।
3. विकल्प: कल्पना।
4. निद्रा: नींद।
5. स्मृति: स्मरण।
सब-निरोध = योग।
✦ 5 क्लेश
1. अविद्या: अज्ञान।
2. अस्मिता: अहंकार।
3. राग: आसक्ति।
4. द्वेष: घृणा।
5. अभिनिवेश: मृत्यु-भय।
क्लेश-नाश = कैवल्य।
✦ अष्ट-सिद्धियाँ
1. अणिमा: सूक्ष्म-रूप।
2. महिमा: विशाल-रूप।
3. लघिमा: हल्का-शरीर।
4. गरिमा: भारी-शरीर।
5. प्राप्ति: सब-कुछ-प्राप्त।
6. प्राकाम्य: इच्छा-पूर्ति।
7. ईशित्व: शासन।
8. वशित्व: प्रकृति-नियन्त्रण।
सिद्धियाँ बन्धन — मोक्ष नहीं।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पतंजलि कौन?▼
महर्षि पतंजलि — 4 ग्रन्थ-कर्ता: योग-सूत्र, महाभाष्य (व्याकरण), चिकित्सा-शास्त्र, चरक-संहिता-संशोधक। ~200 ईसा-पूर्व।
अध्ययन-कैसे?▼
स्वामी विवेकानन्द-राज-योग, स्वामी सच्चिदानन्द-व्याख्या, स्वामी हरिहरानन्द-गीता-प्रेस। मूल-संस्कृत कठिन।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।