कपालभाति प्राणायाम — हठ-योग की 6 शुद्धि-क्रियाओं में एक। "कपाल" (मस्तक) + "भाति" (तेज) = मस्तक-तेज-वर्धक।
तीव्र-निःश्वास + निष्क्रिय-श्वास। पाचन, चयापचय, मस्तिष्क-स्पष्टता के लिए सर्व-श्रेष्ठ।
✦ विधि
सुखासन या वज्रासन।
मेरुदण्ड-सीधा।
हाथ ज्ञान-मुद्रा में।
नाक से तीव्र-निःश्वास (पेट अन्दर)।
श्वास-स्वतः बाहर (निष्क्रिय)।
गति: 60-120 श्वास/मिनट।
3 राउण्ड: 30 → 60 → 100 श्वास।
बीच में 30 सेकेण्ड विश्राम।
✦ 7 लाभ
पाचन-सुधार।
फेफड़े-शुद्ध।
चयापचय-वृद्धि।
वजन-कमी।
मस्तिष्क-स्पष्टता।
पेट-कम।
साइनस-राहत।
✦ सावधानी (कौन-न-करे)
उच्च-रक्त-चाप।
हृदय-रोग।
गर्भवती-स्त्रियाँ।
मासिक-धर्म।
हर्निया।
पेट-सर्जरी-पश्चात।
चक्कर-आना।
मिर्गी।
✦ श्रेष्ठ-समय
ब्रह्म-मुहूर्त (4-6 AM)।
खाली-पेट।
प्राणायाम-क्रम: कपालभाति → अनुलोम-विलोम → भस्त्रिका → भ्रामरी।
दैनिक 5-10 मिनट।
गुरु-निर्देश पहले।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कपालभाति और भस्त्रिका में अन्तर?▼
कपालभाति: तीव्र-निःश्वास, निष्क्रिय-श्वास। भस्त्रिका: तीव्र-दोनों। कपालभाति शान्त-कार्य।
दैनिक कितनी देर?▼
प्रारम्भ: 1 राउण्ड 30 श्वास। 1-2 सप्ताह में 3 राउण्ड 100 श्वास। अधिकतम 15 मिनट।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।