ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग — मध्य-प्रदेश के नर्मदा-नदी पर मान्धाता-द्वीप पर। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 4था। द्वीप का आकार "ॐ" अक्षर।
दो ज्योतिर्लिङ्ग एक-स्थान: ओंकारेश्वर (द्वीप पर) और अमरेश्वर (दक्षिण-तट पर)। कुछ-शास्त्र अमरेश्वर को मूल मानते।
✦ पौराणिक-कथा
विन्ध्य-पर्वत ने भगवान शिव की तपस्या की।
शिव प्रकट हुए। विन्ध्य ने ज्योतिर्लिङ्ग-वरदान माँगा।
देवताओं ने ओंकार में प्रकटन-प्रार्थना की।
शिव ज्योतिर्लिङ्ग-रूप में स्थित। नर्मदा-तट पर "ॐ" आकार-द्वीप बना।
✦ दर्शन
सुबह 5:00 — रात्रि 9:30।
मंगल-आरती: 5:00 AM।
भोग-आरती: 12:30 PM।
सायं-आरती: 7:00 PM।
शयन-आरती: 9:00 PM।
सर्व-दर्शन: निःशुल्क।
VIP/अभिषेक: ₹250-1500।
✦ पहुँच
इन्दौर से 80 किमी (2 घण्टे)।
उज्जैन से 140 किमी।
नज़दीकी रेलवे: ओंकारेश्वर रोड (12 किमी)।
हवाई-अड्डा: इन्दौर।
नर्मदा-नौका दर्शन के लिए।
✦ परिक्रमा
ओंकार-द्वीप परिक्रमा: 7 किमी, 3-4 घण्टे।
नर्मदा-परिक्रमा का अंश।
नदी पार करके दूसरी तरफ अमरेश्वर-दर्शन।
कई पुराने मन्दिर मार्ग पर।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ओंकारेश्वर और अमरेश्वर दोनों जायें?▼
हाँ — दर्शन-पूर्ण के लिए। द्वीप-परिक्रमा के साथ अमरेश्वर भी मार्ग में।
मानसून में?▼
जुलाई-सितम्बर में नर्मदा उफान पर। नौका-सेवा सीमित। अक्टूबर-जून श्रेष्ठ।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।