ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग

नर्मदा-नदी पर ॐ-आकार-द्वीप — 4था ज्योतिर्लिङ्ग

क्रम

4/12

इन्दौर से

80 किमी

परिक्रमा

7 किमी

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग — मध्य-प्रदेश के नर्मदा-नदी पर मान्धाता-द्वीप पर। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 4था। द्वीप का आकार "ॐ" अक्षर।

दो ज्योतिर्लिङ्ग एक-स्थान: ओंकारेश्वर (द्वीप पर) और अमरेश्वर (दक्षिण-तट पर)। कुछ-शास्त्र अमरेश्वर को मूल मानते।

पौराणिक-कथा

विन्ध्य-पर्वत ने भगवान शिव की तपस्या की।

शिव प्रकट हुए। विन्ध्य ने ज्योतिर्लिङ्ग-वरदान माँगा।

देवताओं ने ओंकार में प्रकटन-प्रार्थना की।

शिव ज्योतिर्लिङ्ग-रूप में स्थित। नर्मदा-तट पर "ॐ" आकार-द्वीप बना।

दर्शन

सुबह 5:00 — रात्रि 9:30।

मंगल-आरती: 5:00 AM।

भोग-आरती: 12:30 PM।

सायं-आरती: 7:00 PM।

शयन-आरती: 9:00 PM।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP/अभिषेक: ₹250-1500।

पहुँच

इन्दौर से 80 किमी (2 घण्टे)।

उज्जैन से 140 किमी।

नज़दीकी रेलवे: ओंकारेश्वर रोड (12 किमी)।

हवाई-अड्डा: इन्दौर।

नर्मदा-नौका दर्शन के लिए।

परिक्रमा

ओंकार-द्वीप परिक्रमा: 7 किमी, 3-4 घण्टे।

नर्मदा-परिक्रमा का अंश।

नदी पार करके दूसरी तरफ अमरेश्वर-दर्शन।

कई पुराने मन्दिर मार्ग पर।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओंकारेश्वर और अमरेश्वर दोनों जायें?

हाँ — दर्शन-पूर्ण के लिए। द्वीप-परिक्रमा के साथ अमरेश्वर भी मार्ग में।

मानसून में?

जुलाई-सितम्बर में नर्मदा उफान पर। नौका-सेवा सीमित। अक्टूबर-जून श्रेष्ठ।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।