मीनाक्षी मन्दिर

मदुरै में 14-गोपुरम्-वाला देवी-शिव-मन्दिर

गोपुरम्

14

मूर्तियाँ

33,000

विशेष

दैनिक-विवाह

मीनाक्षी मन्दिर — तमिलनाडु के मदुरै में। 14 गोपुरम् (शिखर), 33,000 मूर्तियाँ। 7वीं सदी से पहले।

देवी मीनाक्षी (मीन-अक्षी = मछली-नेत्र-वाली पार्वती) + शिव (सुन्दरेश्वर)। दैनिक-विवाह-समारोह।

अद्वितीय-वास्तुकला

14 गोपुरम् (शिखर): 4 मुख्य 50-60 मी ऊँचे।

45 एकड़ परिसर।

1000-स्तम्भ-हॉल।

पोथिगाई-मण्डपम्।

सुनहरा-कमल-तालाब।

किलीकोम-पंक्ति: तोता-गुफा।

UNESCO-धरोहर।

दैनिक-दिनचर्या

सुबह 5:00 — दोपहर 12:30।

सायं 4:00 — रात्रि 9:30।

मुख्य-आरतियाँ: 6 दैनिक।

**रात्रि 9:00 PM शयन-आरती** विशेष।

सुन्दरेश्वर के बिस्तर पर मीनाक्षी की पादुका रखी जाती।

दैनिक-विवाह-कथा।

मीनाक्षी-तिरुकल्याणम्

मीनाक्षी-शिव-विवाह 12-दिन-समारोह।

चैत्र (अप्रैल-मई)।

हजारों-यात्री।

दैनिक-शोभायात्राएँ।

रथ-यात्रा।

फ्लोट-त्योहार: तालाब में।

पहुँच

मदुरै-रेलवे + हवाई।

चेन्नई से 460 किमी।

रामेश्वरम्: 175 किमी।

तंजौर: 200 किमी।

पास: तिरुपरंकुन्द्रम (मुरुगन-मन्दिर), अलगर-कोयिल।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दैनिक-शयन-आरती क्या?

रात्रि 9 PM शिव की मूर्ति शयन-कक्ष में। मीनाक्षी की पादुका साथ। प्रतीकात्मक दैनिक-विवाह।

मन्दिर में फोटो?

अन्दर वर्जित। बाहर गोपुरम्-फोटो स्वीकार्य। रात्रि-प्रकाश में सुन्दर।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।