रामेश्वरम् ज्योतिर्लिङ्ग — तमिलनाडु के पम्बन-द्वीप पर। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 11वाँ। बड़ा-चार-धाम का दक्षिण-धाम।
भगवान राम ने रावण-वध-पाप-निवारण हेतु शिव-पूजा यहाँ की। मुख्य-लिङ्ग रामलिङ्ग। हनुमान-द्वारा कैलाश से लाया।
✦ अद्वितीय-विशेषताएँ
विश्व का सबसे लम्बा मन्दिर-गलियारा (1219 मी)।
22 तीर्थ-कुण्ड मन्दिर-परिसर में।
प्रत्येक-कुण्ड का अलग-गुण/स्वाद।
**अग्नि-तीर्थ**: समुद्र-तट पर। पाप-नाश।
गन्धमादन-पर्वत: राम के चरण-चिह्न।
✦ पौराणिक-कथा
राम ने रावण-वध-पाप-शुद्धि हेतु शिव-पूजा का संकल्प।
हनुमान कैलाश से लिङ्ग लाने भेजे।
मुहूर्त चूकने का खतरा।
सीता ने बालू का लिङ्ग बनाया (रामलिङ्ग)।
हनुमान आये — विश्वलिङ्ग। पहले विश्वलिङ्ग-पूजा-राम-वचन।
दोनों स्थापित।
✦ दर्शन और स्नान
सुबह 5:00 — दोपहर 1:00, सायं 3:00 — रात्रि 9:00।
22 तीर्थ-स्नान: ₹50 टिकट। पुजारी जल-स्नान कराता।
मुख्य-लिङ्ग: काँच-कक्ष। पास-दर्शन।
स्फटिक-दर्शन: सुबह 5:00 AM।
सोमवार-शिवरात्रि भीड़।
✦ पहुँच
नज़दीकी रेलवे: रामेश्वरम्।
चेन्नई से 600 किमी।
मदुरै से 175 किमी।
हवाई: मदुरै।
पम्बन-पुल पर रेल/सड़क।
धनुष्कोडि-दर्शन (रामसेतु अन्तिम-छोर)।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
22 तीर्थ-स्नान क्यों?▼
प्रत्येक-कुण्ड का अलग-पाप-नाश-गुण। 22-स्नान = सर्व-पाप-शुद्धि। पुजारी क्रम-अनुसार जल डालते।
धनुष्कोडि-राम-सेतु?▼
द्वीप का अन्तिम-छोर। राम ने यहीं से लंका-सेतु बनाया। 1964 चक्रवात से वीरान।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।