मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिङ्ग

आन्ध्र-प्रदेश के श्रीशैलम् में 2रा ज्योतिर्लिङ्ग

क्रम

2/12

विशेष

शिव+शक्ति

हैदराबाद से

215 किमी

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिङ्ग — आन्ध्र-प्रदेश के श्रीशैलम् में। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 2रा। शिव-पार्वती दोनों एक-स्थान पर — मल्लिका (पार्वती) + अर्जुन (शिव)।

भ्रमरम्बा-देवी (पार्वती) 18 शक्ति-पीठों में एक। शिव+शक्ति एक-साथ अद्वितीय।

पौराणिक-कथा

कार्तिकेय रूठकर क्रौंच-पर्वत गये।

शिव-पार्वती ने पुत्र-दर्शन हेतु यहाँ निवास।

कुमार-पूर्णिमा पर माता-पिता पुत्र-मिलन।

मन्दिर 1500 वर्ष पुराना। विजयनगर साम्राज्य में पुनर्निर्माण।

दर्शन

सुबह 4:30 — दोपहर 1:00।

दोपहर 4:30 — रात्रि 9:00।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP/शीघ्र-दर्शन: ₹500।

अभिषेक-बुकिंग: ₹1500-3000।

पंचामृत-अभिषेक प्रसिद्ध।

पहुँच

हैदराबाद से 215 किमी (5 घण्टे)।

नज़दीकी रेलवे: मार्कापुर रोड (85 किमी)।

सुलभ-बस-सेवा।

पाताल-गंगा (कृष्णा-नदी) से रोपवे।

नल्ल-मलाई वन-क्षेत्र।

विशेष-दिन

महाशिवरात्रि: फरवरी।

कार्तिक-पूर्णिमा।

उगादि (तेलुगु नव-वर्ष)।

शिवरात्रि-सप्ताह: हजारों भक्त।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन और भ्रमरम्बा एक-साथ?

हाँ — दुर्लभ ज्योतिर्लिङ्ग + शक्तिपीठ संयोग। दोनों दर्शन एक-यात्रा में।

श्रीशैलम् कब जायें?

अक्टूबर-मार्च श्रेष्ठ। मानसून (जुलाई-सितम्बर) में हरा-भरा।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।