मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिङ्ग — आन्ध्र-प्रदेश के श्रीशैलम् में। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 2रा। शिव-पार्वती दोनों एक-स्थान पर — मल्लिका (पार्वती) + अर्जुन (शिव)।
भ्रमरम्बा-देवी (पार्वती) 18 शक्ति-पीठों में एक। शिव+शक्ति एक-साथ अद्वितीय।
✦ पौराणिक-कथा
कार्तिकेय रूठकर क्रौंच-पर्वत गये।
शिव-पार्वती ने पुत्र-दर्शन हेतु यहाँ निवास।
कुमार-पूर्णिमा पर माता-पिता पुत्र-मिलन।
मन्दिर 1500 वर्ष पुराना। विजयनगर साम्राज्य में पुनर्निर्माण।
✦ दर्शन
सुबह 4:30 — दोपहर 1:00।
दोपहर 4:30 — रात्रि 9:00।
सर्व-दर्शन: निःशुल्क।
VIP/शीघ्र-दर्शन: ₹500।
अभिषेक-बुकिंग: ₹1500-3000।
पंचामृत-अभिषेक प्रसिद्ध।
✦ पहुँच
हैदराबाद से 215 किमी (5 घण्टे)।
नज़दीकी रेलवे: मार्कापुर रोड (85 किमी)।
सुलभ-बस-सेवा।
पाताल-गंगा (कृष्णा-नदी) से रोपवे।
नल्ल-मलाई वन-क्षेत्र।
✦ विशेष-दिन
महाशिवरात्रि: फरवरी।
कार्तिक-पूर्णिमा।
उगादि (तेलुगु नव-वर्ष)।
शिवरात्रि-सप्ताह: हजारों भक्त।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मल्लिकार्जुन और भ्रमरम्बा एक-साथ?▼
हाँ — दुर्लभ ज्योतिर्लिङ्ग + शक्तिपीठ संयोग। दोनों दर्शन एक-यात्रा में।
श्रीशैलम् कब जायें?▼
अक्टूबर-मार्च श्रेष्ठ। मानसून (जुलाई-सितम्बर) में हरा-भरा।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।