केदारनाथ-मन्दिर — उत्तराखण्ड के रुद्र-हिमालय में 3583 मी ऊँचाई पर। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 11वाँ। पाण्डवों द्वारा निर्मित (मान्यता)। आदि-शंकराचार्य ने पुनर्स्थापित।
यात्रा: मई-नवम्बर। शीत में बन्द। 2013 बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण।
✦ इतिहास
पाण्डव-कथा: कुरु-वध-पाप के पश्चात शिव-आशीर्वाद हेतु।
शिव बैल-रूप में अदृश्य। शरीर-भाग 5 केदारों में।
केदारनाथ: कूबड़-स्थान।
तुंगनाथ: भुजाएँ। रुद्रनाथ: मुख। मध्यमहेश्वर: नाभि। कल्पेश्वर: जटा।
5 केदार-यात्रा = पंच-केदार।
✦ 2026 दर्शन-तिथियाँ
कपाट खुलते: 2 मई 2026।
कपाट बन्द: नवम्बर मध्य।
सर्वोत्तम: मई-जून, सितम्बर-अक्टूबर।
जुलाई-अगस्त: मानसून-भूस्खलन। बचें।
✦ दर्शन-मार्ग
गौरीकुण्ड से 16 किमी पैदल/घोड़ा।
हेलिकॉप्टर: देहरादून-गुप्तकाशी से। ₹6000-8000।
पंजीकरण अनिवार्य: registrationandtouristcare.uk.gov.in।
फिटनेस-प्रमाणपत्र।
पैदल: 6-8 घण्टे।
घोड़ा: 4-5 घण्टे।
✦ विशेष-अनुष्ठान
सोमवार-अभिषेक।
महाशिवरात्रि-विशेष।
श्रावण-सोमवार: भीड़-शिखर।
भस्म-आरती: सुबह 4 बजे।
रुद्राभिषेक-बुकिंग।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कपाट 2026 खुलते कब?▼
2 मई 2026, अक्षय-तृतीया-समीप।
पैदल-कठिन?▼
मध्यम-कठिन। 16 किमी, 1500 मी ऊँचाई-वृद्धि। फिटनेस आवश्यक। बुजुर्ग/बीमार के लिए हेलिकॉप्टर।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।