घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग

एलोरा के पास 12वाँ (अन्तिम) ज्योतिर्लिङ्ग

क्रम

12/12

औरंगाबाद से

30 किमी

पास

एलोरा

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग — महाराष्ट्र के औरंगाबाद से 30 किमी। एलोरा-गुफाओं के पास। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 12वाँ (अन्तिम)।

कुसुमा (देवी) ने शिव-भक्ति से पुत्र-पुनर्जीवन प्राप्त किया। उसी-पुत्र का नाम घृष्णा। मन्दिर का नाम घृष्णेश्वर।

पौराणिक-कथा

सुधर्मा-ब्राह्मण की सौतेली-पत्नी कुसुमा।

कुसुमा निःसन्तान।

सहधर्मी ने एक-बच्चा गोद लिया।

कुसुमा ईर्ष्या से बच्चा मार-डाला।

कुसुमा की शिव-भक्ति से पुत्र पुनर्जीवित।

शिव प्रसन्न → ज्योतिर्लिङ्ग।

दर्शन

सुबह 5:30 — रात्रि 9:30।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP-दर्शन: ₹200।

अभिषेक: ₹500-1500।

सोमवार-शिवरात्रि भीड़।

श्रावण-विशेष।

पुरुष: धोती। ऊपर-शरीर खुला (कुछ-कक्षों में)।

एलोरा के साथ

एलोरा-गुफाएँ: 1.5 किमी दूर।

UNESCO विश्व-धरोहर।

कैलाश-मन्दिर (16-गुफा): एक-शिला से तराशा।

34 गुफाएँ: हिन्दू-बौद्ध-जैन।

दौलताबाद-किला: 13 किमी।

भीमाशंकर + घृष्णेश्वर + त्र्यम्बकेश्वर: 3 ज्योतिर्लिङ्ग महाराष्ट्र-यात्रा।

पहुँच

नज़दीकी हवाई: औरंगाबाद।

नज़दीकी रेलवे: औरंगाबाद (30 किमी)।

मुम्बई से 350 किमी।

पुणे से 240 किमी।

सुलभ-यातायात।

होटल औरंगाबाद में।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ ज्योतिर्लिङ्ग का अर्थ?

द्वादश-ज्योतिर्लिङ्ग-यात्रा का अन्तिम-स्थल। पारम्परिक-क्रम: सोमनाथ → मल्लिकार्जुन → ... → घृष्णेश्वर।

एलोरा-घृष्णेश्वर एक-दिन में?

हाँ। एलोरा सुबह (3-4 घण्टे)। घृष्णेश्वर दोपहर। औरंगाबाद रात्रि।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।