चार वेद

हिन्दू-धर्म के मूल-शास्त्र — 1500 ईसा-पूर्व से

वेद

4

ऋग्वेद-मन्त्र

10,552

भाग

4 (संहिता)

चार-वेद — हिन्दू-धर्म के मूल-शास्त्र। 1500-500 ईसा-पूर्व रचित। ऋग्वेद विश्व का सबसे-पुराना धार्मिक-ग्रन्थ।

चार-वेद: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद। प्रत्येक के 4-भाग: संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद्।

1. ऋग्वेद

सबसे-पुराना (~1500 ईसा-पूर्व)।

10 मण्डल, 1028 सूक्त, 10,552 मन्त्र।

देवता-स्तुति: इन्द्र, अग्नि, सोम, सूर्य।

गायत्री-मन्त्र: 3.62.10।

नासदीय-सूक्त: सृष्टि-रहस्य।

UNESCO विश्व-धरोहर।

2. यजुर्वेद

यज्ञ-विधि-ग्रन्थ।

दो-शाखाएँ: कृष्ण-यजुर्वेद, शुक्ल-यजुर्वेद।

40 अध्याय, ~1975 मन्त्र।

महामृत्युञ्जय-मन्त्र (कृष्ण-य. 3.60)।

पुरुष-सूक्त।

गद्य + पद्य मिश्रित।

3. सामवेद

संगीत-वेद। मन्त्रों का गायन-स्वर।

1875 मन्त्र (अधिकांश ऋग्वेद से)।

भारतीय-शास्त्रीय-संगीत का स्रोत।

7 स्वर: सा रे ग म प ध नि।

उद्गाता-पुरोहित गायन।

4. अथर्ववेद

सामान्य-जीवन-वेद। चिकित्सा, गृह-व्यवहार, राजनीति, मन्त्र।

20 काण्ड, 6000 मन्त्र।

आयुर्वेद का स्रोत।

तन्त्र-मन्त्र-यन्त्र।

भारतीय-संविधान-राष्ट्रीय-वाक्य "सत्यमेव जयते" मुण्डक से।

4 भाग-संरचना

संहिता: मूल-मन्त्र।

ब्राह्मण: यज्ञ-विधि-व्याख्या।

आरण्यक: वन-में-अध्ययन-योग्य।

उपनिषद्: दर्शन-वेदान्त।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेद किसने लिखे?

अपौरुषेय (मानव-रचित नहीं) — ऋषियों ने ध्यान में "देखे"। वेदव्यास ने 4 भागों में संकलित।

वेद-अध्ययन कैसे?

मूल-संस्कृत कठिन। अनुवाद: स्वामी दयानन्द, स्वामी विवेकानन्द, गीता-प्रेस। ऑनलाइन: vedicheritage.gov.in (निःशुल्क)।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।