योग-वसिष्ठ

वाल्मीकि-रचित राम-वसिष्ठ-संवाद — 32,000 श्लोक

श्लोक

32,000

प्रकरण

6

विषय

माया-मोक्ष

योग-वसिष्ठ — महाकाव्य-दार्शनिक-ग्रन्थ। 32,000 श्लोक। महर्षि वाल्मीकि-रचित। राम और गुरु वसिष्ठ का संवाद।

उपनिषद्-गीता-तुल्य महत्व। माया, चित्त, मोक्ष, ज्ञान-योग का विस्तार। 6 प्रकरण।

6 प्रकरण

1. **वैराग्य** (Renunciation): राम का संसार से वैराग्य।

2. **मुमुक्षु-व्यवहार** (Yearning): मुक्ति-इच्छा।

3. **उत्पत्ति** (Creation): सृष्टि-तत्त्व।

4. **स्थिति** (Existence): जगत-स्थिति।

5. **उपशम** (Dissolution): माया-नाश।

6. **निर्वाण** (Liberation): मोक्ष-स्वरूप।

मुख्य-कथाएँ

लीला की कथा: स्वप्न-वास्तविकता।

चूड़ाला की कथा: स्त्री-गुरु।

शिखिध्वज: योग-साधना।

गाधि की कथा: चेतना-यात्रा।

ककुप्सुन्द: समाधि-स्थिति।

भुषुण्ड का चित्त-विस्तार।

कथाओं द्वारा शिक्षा।

मुख्य-शिक्षाएँ

जगत-मन की रचना।

चित्त ही सब-कुछ।

स्वप्न और जागृति-समान।

ब्रह्म-स्व-प्रकाश।

कर्म-निष्क्रियता-दोनों त्याज्य।

साक्षी-भाव।

सहज-समाधि।

अध्ययन-नोट

सम्पूर्ण-पाठ-दीर्घ।

लघु-योग-वसिष्ठ (3000 श्लोक) सरल।

हिन्दी-अनुवाद: गीता-प्रेस।

अंग्रेजी: स्वामी वेंकटेश-आनन्द।

गुरु-निर्देश-आवश्यक।

अद्वैत-वेदान्ती के लिए श्रेष्ठ।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योग-वसिष्ठ कहाँ राम-वसिष्ठ-संवाद?

राम के विवाह-पूर्व। 16 आयु में राम-वैराग्य। वसिष्ठ ने ज्ञान-दिया। 6 प्रकरण।

गीता और योग-वसिष्ठ?

गीता: युद्ध-पूर्व-संवाद, कर्म-केन्द्रित। योग-वसिष्ठ: युवा-राम, ज्ञान-केन्द्रित। दोनों पूरक।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।