योग-वसिष्ठ — महाकाव्य-दार्शनिक-ग्रन्थ। 32,000 श्लोक। महर्षि वाल्मीकि-रचित। राम और गुरु वसिष्ठ का संवाद।
उपनिषद्-गीता-तुल्य महत्व। माया, चित्त, मोक्ष, ज्ञान-योग का विस्तार। 6 प्रकरण।
✦ 6 प्रकरण
1. **वैराग्य** (Renunciation): राम का संसार से वैराग्य।
2. **मुमुक्षु-व्यवहार** (Yearning): मुक्ति-इच्छा।
3. **उत्पत्ति** (Creation): सृष्टि-तत्त्व।
4. **स्थिति** (Existence): जगत-स्थिति।
5. **उपशम** (Dissolution): माया-नाश।
6. **निर्वाण** (Liberation): मोक्ष-स्वरूप।
✦ मुख्य-कथाएँ
लीला की कथा: स्वप्न-वास्तविकता।
चूड़ाला की कथा: स्त्री-गुरु।
शिखिध्वज: योग-साधना।
गाधि की कथा: चेतना-यात्रा।
ककुप्सुन्द: समाधि-स्थिति।
भुषुण्ड का चित्त-विस्तार।
कथाओं द्वारा शिक्षा।
✦ मुख्य-शिक्षाएँ
जगत-मन की रचना।
चित्त ही सब-कुछ।
स्वप्न और जागृति-समान।
ब्रह्म-स्व-प्रकाश।
कर्म-निष्क्रियता-दोनों त्याज्य।
साक्षी-भाव।
सहज-समाधि।
✦ अध्ययन-नोट
सम्पूर्ण-पाठ-दीर्घ।
लघु-योग-वसिष्ठ (3000 श्लोक) सरल।
हिन्दी-अनुवाद: गीता-प्रेस।
अंग्रेजी: स्वामी वेंकटेश-आनन्द।
गुरु-निर्देश-आवश्यक।
अद्वैत-वेदान्ती के लिए श्रेष्ठ।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
योग-वसिष्ठ कहाँ राम-वसिष्ठ-संवाद?▼
राम के विवाह-पूर्व। 16 आयु में राम-वैराग्य। वसिष्ठ ने ज्ञान-दिया। 6 प्रकरण।
गीता और योग-वसिष्ठ?▼
गीता: युद्ध-पूर्व-संवाद, कर्म-केन्द्रित। योग-वसिष्ठ: युवा-राम, ज्ञान-केन्द्रित। दोनों पूरक।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।