यम दीप दान

6 नवम्बर 2026 (शुक्र) — धनतेरस सायं

दीप

चौमुखा-मिट्टी

तेल

सरसों

दिशा

दक्षिण-मुख

यम-दीप-दान — धनतेरस/नरक-चतुर्दशी पर यमराज को दीप-अर्पण। अकाल-मृत्यु-निवारण। 2026 में यम-दीप 6 नवम्बर (धनतेरस) या 7 नवम्बर (नरक-चतुर्दशी) सायं।

पुराण: यम स्वयं घर-घर आते हैं इस-रात्रि। दीप-अर्पण से प्रसन्न।

यम-दीप-विधि

सामग्री: मिट्टी का चौमुखा-दीप, सरसों का तेल, बत्ती, फूल, अक्षत।

समय: सूर्यास्त बाद।

स्थान: मुख्य-द्वार के बाहर, दक्षिण-दिशा-मुख।

मन्त्र: "मृत्युना दण्ड-पाशाभ्यां, कालेन च मम सह। त्रयोदश्यां दीपदानात्, सूर्यजः प्रीयतां मम॥"

अर्पण: यम के नाम से दीप जलायें। पूरी-रात बुझायें न।

परिवार-संख्या-अनुसार दीप: 1-2-4-13।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस या नरक-चतुर्दशी पर?

दोनों स्वीकार्य। पारम्परिक: धनतेरस-सायं। शास्त्र-कुछ-नरक-चतुर्दशी कहते। अधिकांश: धनतेरस।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।