वृन्दावन

श्रीकृष्ण की बाल-लीला-भूमि — 7000+ मन्दिर

मन्दिर

7000+

परिक्रमा

11 किमी

मथुरा से

12 किमी

वृन्दावन — उत्तर-प्रदेश के मथुरा-जिले में, यमुना-तट पर। श्रीकृष्ण की बाल-लीला-भूमि। 7000+ कृष्ण-राधा मन्दिर।

वैष्णव-सम्प्रदाय का सर्वोच्च-तीर्थ। चैतन्य महाप्रभु, स्वामी हरिदास, मीराबाई के साधना-स्थल।

मुख्य 12 मन्दिर

1. **बांके बिहारी**: सर्व-प्रसिद्ध।

2. **इस्कॉन (कृष्ण-बलराम)**: अंतर्राष्ट्रीय।

3. **राधा-रमण**।

4. **राधा-वल्लभ**।

5. **गोविन्द-देव-जी** (मूल-स्थान)।

6. **राधा-दामोदर**।

7. **रंगनाथ-जी** (दक्षिण-शैली)।

8. **मदन-मोहन**।

9. **शाह-जी मन्दिर**।

10. **प्रेम-मन्दिर**।

11. **निधि-वन**: कृष्ण-राधा रात-रास।

12. **सेवा-कुञ्ज**।

दैनिक-दर्शन-कार्यक्रम

बांके-बिहारी: 7:45 AM — 12 PM, 5:30 PM — 9:30 PM।

मंगला-आरती: 4:30 AM (जन्माष्टमी)।

इस्कॉन: 4:30 AM शयन-भंग, फिर निरन्तर।

सब-मन्दिर: सर्दियों में समय-बदलाव।

विशेष-दिन और परिक्रमा

जन्माष्टमी (अगस्त-सितम्बर)।

राधाष्टमी (8 दिन-पश्चात)।

कृष्ण-होली (बरसाना से शुरू)।

कार्तिक-मास: मांगलिक।

परिक्रमा: 11 किमी, 4-5 घण्टे। शाम-समय श्रेष्ठ।

गोवर्धन-परिक्रमा साथ: 21 किमी।

पहुँच और आवास

मथुरा-जंक्शन से 12 किमी।

दिल्ली: 180 किमी।

हवाई: आगरा (60 किमी), दिल्ली।

आगरा-यमुना एक्सप्रेसवे।

आवास: इस्कॉन गेस्टहाउस, धर्मशालाएँ, होटल।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृन्दावन और मथुरा एक-साथ?

हाँ — 12 किमी दूरी। 1-2 दिन में दोनों दर्शन। गोकुल भी पास (15 किमी)।

निधि-वन का रहस्य?

मान्यता: कृष्ण-राधा रात्रि में आज भी रास-लीला करते। रात्रि किसी को रहने की अनुमति नहीं।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।