श्राद्ध पक्ष 2026

26 सितम्बर - 10 अक्टूबर 2026 — 15 दिन

प्रारम्भ

26 सितम्बर (पूर्णिमा)

मातृ-नवमी

4 अक्टूबर

महालया

10 अक्टूबर

श्राद्ध-पक्ष (पितृ-पक्ष) — आश्विन-कृष्ण-पक्ष के 16 दिन। पितरों को तर्पण-पिण्ड-दान। 2026 में 7 सितम्बर-22 सितम्बर। महालया (22 सितम्बर) — सर्व-पितृ-दिवस।

2026 श्राद्ध-तिथियाँ

पूर्णिमा-श्राद्ध: 7 सितम्बर। प्रतिपदा से चतुर्दशी: 8-21 सितम्बर। महालया: 22 सितम्बर।

मातृ-नवमी: 16 सितम्बर। चतुर्दशी (अकाल-मृत्यु): 21 सितम्बर।

तिथि-वार: मृत्यु-तिथि के अनुसार। याद-न-हो → महालया।

विधि

प्रात: स्नान। यज्ञोपवीत बायें-कन्धे से दायें-कमर तक।

दक्षिण-दिशा-मुख। तिल-जल-तर्पण 3 बार।

पिण्ड-दान: चावल-तिल-घी-शहद के 6 पिण्ड।

ब्राह्मण-भोज + पंच-बलि (कौवा-गाय-कुत्ता-चींटी-मछली)।

दान: तिल, गुड़, गाय, चांदी, सफेद-वस्त्र।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्राद्ध कौन कर सकता?

पारम्परिक: ज्येष्ठ-पुत्र। पुत्र-न-हो → पुत्री, बेटी का पति, भाई, भतीजा।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।