सबरीमला अय्यप्पा

केरल का अय्यप्पा-धाम — 41-दिन कठोर-व्रत

व्रत

41 दिन

सीढ़ियाँ

18

विशेष

मकर-ज्योति 14 जन

सबरीमला अय्यप्पा-मन्दिर — केरल के पथनमथिट्टा जिले में। पम्बा-नदी पर। 41-दिन-कठोर-व्रत के बाद यात्रा।

भगवान अयप्पा (शिव-विष्णु-पुत्र, हरि-हर-पुत्र)। ब्रह्मचारी। मन्दिर 18-पवित्र-सीढ़ियों के ऊपर।

41-दिन व्रत-नियम

काला/नीला-वस्त्र (मलयालम पारम्परिक: माला)।

नंगे-पाँव।

ब्रह्मचर्य।

माँसाहार-शराब-त्याग।

दाढ़ी-केश न-कटाना।

दिन में दो-बार-स्नान।

भजन-कीर्तन।

पम्बा-नदी-स्नान-यात्रा।

18-सीढ़ी पर इरुमुडी (पवित्र-गठरी)।

यात्रा-काल

मुख्य-काल: मण्डलम्-मकरविलक्कु: नवम्बर 16 — जनवरी 14।

चैत्र-पूजा: अप्रैल-मई।

मासिक-पूजा: प्रत्येक मलयालम-माह के पहले 5 दिन।

मकर-संक्रान्ति: मकर-ज्योति-दर्शन (14 जनवरी)।

उत्सव: मण्डलम्-समापन (दिसम्बर 26-27)।

महिला-प्रतिबन्ध-विवाद

पारम्परिक: 10-50 आयु महिला-निषेध।

कारण: अय्यप्पा ब्रह्मचारी।

2018 SC ने प्रवेश-अनुमति।

सामाजिक-विरोध जारी।

वर्तमान-स्थिति: मन्दिर-समिति विशेष-व्यवस्था।

पहुँच

नज़दीकी रेलवे: चेंगन्नूर (90 किमी)।

हवाई: कोचि (185 किमी), तिरुवनन्तपुरम (210 किमी)।

पम्बा से 5 किमी पैदल पहाड़-चढ़ाई।

नीलिमला-अप्पाचि-मेड़ु-शबरी-पीठम्-मार्ग।

मण्डलम्-काल अति-भीड़।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इरुमुडी क्या?

पवित्र-गठरी 2-भाग में। आगे: नारियल-घी, चावल। पीछे: व्यक्तिगत-वस्तुएँ। गुरु-बन्द-गठरी।

मकर-ज्योति?

14 जनवरी सायं पोनम्बलमेड में देखाई-दिव्य-ज्योति। 3-बार दिखती। मूल-बहस।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।