गुरुवायुर-मन्दिर — केरल के थ्रिशूर के पास। श्रीकृष्ण-धाम। "दक्षिण-द्वारका"। 5000+ वर्ष पुराना।
मूर्ति: 4-भुज विष्णु, शंख-चक्र-गदा-पद्म-धारी। मूल-प्रतिमा द्वारका से लाई गयी (मान्यता)।
✦ विशेषताएँ
गुरु (बृहस्पति) + वायु (पवन) ने प्रतिष्ठित किया → गुरुवायुर।
पाताल-अंजन शिला-निर्मित मूर्ति।
केवल हिन्दू-प्रवेश।
धोती (पुरुष), साड़ी (स्त्री)।
108 दिव्य-देशम् में एक।
कथकली-केन्द्र (पास)।
✦ दर्शन-समय
सुबह 3:00 — दोपहर 1:00।
सायं 4:30 — रात्रि 9:15।
नित्य-पूजा 11 बार।
निर्माल्य-दर्शन: 3:00 AM (विशेष)।
उषापूजा: 7:00 AM।
सीवेली-शोभायात्रा: सायं।
✦ विशेष-कार्यक्रम
एकादशी विशेष।
कृष्ण-जन्माष्टमी (मलयालम-कलेण्डर)।
मण्डलम् व्रत: 41 दिन।
गुरुवायुर-मण्डलम्: नवम्बर-दिसम्बर।
कृष्ण-गुरुवायुर-एकादशी।
दैनिक-तुलाभारम्: स्वयं को सोने/केले से तौलना।
✦ पहुँच
नज़दीकी रेलवे: गुरुवायुर/त्रिचूर (30 किमी)।
हवाई: कोचि (90 किमी)।
तिरुवनन्तपुरम से 350 किमी।
धर्मशाला आसपास।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तुलाभारम् क्या?▼
भक्त अपना भार सोने/केले/घी से तौलता। तौल-वस्तु मन्दिर को दान। मनोकामना-पूर्ति।
मण्डलम्-व्रत?▼
41 दिन कठोर-संयम। माँसाहार-त्याग, ब्रह्मचर्य। काली-वस्त्र। नंगे-पाँव। शबरीमलाई-व्रत-तुल्य।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।