पुरी गोवर्धन पीठम्

आदि-शंकराचार्य का पूर्व-मठ — पुरी

दिशा

पूर्व

वेद

ऋग्वेद

महावाक्य

प्रज्ञानं ब्रह्म

पुरी-गोवर्धन-पीठम् — आदि-शंकराचार्य के 4 मठों में पूर्व-मठ। ओडिशा के पुरी में। ऋग्वेद-संरक्षक।

प्रथम-शंकराचार्य: पद्मपादाचार्य। महावाक्य: "प्रज्ञानं ब्रह्म"।

विशेषताएँ

8वीं सदी।

जगन्नाथ-मन्दिर के पास।

जगन्नाथ-कक्ष: कुछ-शंकराचार्य निवास।

सरस्वती-नदी-तट (पुराण-वर्णित)।

पद्मपाद-शिला: प्रथम-शंकराचार्य के निवास-शिला।

जगन्नाथ-यात्रा-संग

गोवर्धन-पीठम् + जगन्नाथ-मन्दिर।

कोणार्क-सूर्य-मन्दिर: 35 किमी।

चिल्का-झील।

भुवनेश्वर लिङ्गराज-मन्दिर।

सम्पूर्ण-ओडिशा-यात्रा।

दर्शन

मठ-दर्शन: सुबह 6 — दोपहर 12, सायं 4 — रात्रि 8।

गुरु-पूर्णिमा विशेष।

चातुर्मास्य।

रथ-यात्रा-समय शंकराचार्य-आशीर्वाद।

पहुँच

पुरी-रेलवे।

भुवनेश्वर हवाई-अड्डा (60 किमी)।

कोलकाता से 500 किमी।

दिल्ली-पुरी हवाई-सेवा।

भुवनेश्वर से बस/टैक्सी।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ-शंकराचार्य-सम्बन्ध?

शंकराचार्य ने जगन्नाथ-मन्दिर के लिए विधि-शास्त्र-स्थापित। मठ मन्दिर के निकट।

4-पीठ क्रम?

पूर्व-दक्षिण-पश्चिम-उत्तर: पुरी → शृंगेरी → द्वारका → ज्योतिर्मठ।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।