ज्योतिर्मठ-पीठम् (बद्रिकाश्रम-पीठम्) — आदि-शंकराचार्य के 4 मठों में उत्तर-मठ। उत्तराखण्ड के जोशीमठ में। बद्रीनाथ के पास।
अथर्ववेद-संरक्षक। महावाक्य: "अयमात्मा ब्रह्म"। प्रथम-शंकराचार्य: तोटकाचार्य।
✦ विशेषताएँ
8वीं सदी में स्थापना।
2150 मी ऊँचाई।
शीत में बन्द (शंकराचार्य देहरादून जाते)।
कल्पवृक्ष: 2400 वर्ष पुराना (आदि-शंकर ने यहाँ ध्यान किया)।
नरसिंह-मन्दिर: मुख्य-मन्दिर।
शीत-काल में बद्री-नारायण यहीं स्थापित।
✦ बद्रीनाथ-संग
ज्योतिर्मठ → बद्रीनाथ: 45 किमी, 2-3 घण्टे।
मई-नवम्बर बद्रीनाथ खुला।
छोटा-चार-धाम का अन्तिम-धाम।
उत्तराखण्ड-परिक्रमा।
हेमकुण्ड-साहिब (सिख-तीर्थ) पास।
✦ दर्शन
मठ-दर्शन: सुबह 6 — दोपहर 12, सायं 4 — रात्रि 8।
शंकराचार्य-दर्शन: मठ में या देहरादून-शीत में।
नरसिंह-दर्शन-समय।
नरसिंह की कलाई पतली होती जा रही — मान्यता: जब टूटेगी, बद्री-केदार ध्वस्त।
✦ पहुँच
नज़दीकी हवाई: देहरादून।
नज़दीकी रेलवे: हरिद्वार/ऋषिकेश।
दिल्ली से 500 किमी।
कठिन-पहाड़ी-मार्ग।
मई-अक्टूबर श्रेष्ठ-समय।
हेलिकॉप्टर-सेवा बद्रीनाथ हेतु।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जोशीमठ-धंसाव-समस्या?▼
2023 में भू-धंसाव-संकट। मठ सुरक्षित। पर्यावरण-चिन्ता। पर्यटन-प्रतिबन्ध कुछ-स्थानों में।
नरसिंह-कलाई-कथा सच?▼
मूर्ति की कलाई पतली होती जा रही (वैज्ञानिक-रूप से प्राकृतिक-क्षरण)। पुराण-कथा।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।