ज्योतिर्मठ पीठम्

आदि-शंकराचार्य का उत्तर-मठ — जोशीमठ

दिशा

उत्तर

वेद

अथर्ववेद

ऊँचाई

2150 मी

ज्योतिर्मठ-पीठम् (बद्रिकाश्रम-पीठम्) — आदि-शंकराचार्य के 4 मठों में उत्तर-मठ। उत्तराखण्ड के जोशीमठ में। बद्रीनाथ के पास।

अथर्ववेद-संरक्षक। महावाक्य: "अयमात्मा ब्रह्म"। प्रथम-शंकराचार्य: तोटकाचार्य।

विशेषताएँ

8वीं सदी में स्थापना।

2150 मी ऊँचाई।

शीत में बन्द (शंकराचार्य देहरादून जाते)।

कल्पवृक्ष: 2400 वर्ष पुराना (आदि-शंकर ने यहाँ ध्यान किया)।

नरसिंह-मन्दिर: मुख्य-मन्दिर।

शीत-काल में बद्री-नारायण यहीं स्थापित।

बद्रीनाथ-संग

ज्योतिर्मठ → बद्रीनाथ: 45 किमी, 2-3 घण्टे।

मई-नवम्बर बद्रीनाथ खुला।

छोटा-चार-धाम का अन्तिम-धाम।

उत्तराखण्ड-परिक्रमा।

हेमकुण्ड-साहिब (सिख-तीर्थ) पास।

दर्शन

मठ-दर्शन: सुबह 6 — दोपहर 12, सायं 4 — रात्रि 8।

शंकराचार्य-दर्शन: मठ में या देहरादून-शीत में।

नरसिंह-दर्शन-समय।

नरसिंह की कलाई पतली होती जा रही — मान्यता: जब टूटेगी, बद्री-केदार ध्वस्त।

पहुँच

नज़दीकी हवाई: देहरादून।

नज़दीकी रेलवे: हरिद्वार/ऋषिकेश।

दिल्ली से 500 किमी।

कठिन-पहाड़ी-मार्ग।

मई-अक्टूबर श्रेष्ठ-समय।

हेलिकॉप्टर-सेवा बद्रीनाथ हेतु।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोशीमठ-धंसाव-समस्या?

2023 में भू-धंसाव-संकट। मठ सुरक्षित। पर्यावरण-चिन्ता। पर्यटन-प्रतिबन्ध कुछ-स्थानों में।

नरसिंह-कलाई-कथा सच?

मूर्ति की कलाई पतली होती जा रही (वैज्ञानिक-रूप से प्राकृतिक-क्षरण)। पुराण-कथा।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।