ग्रह स्थिति

नवग्रह स्थिति

रविवार, 10 मई 2026

🌌

अभी की ग्रह स्थिति

सायन गणना के आधार पर निरयन (साइडरीयल) राशि स्थिति — आपके स्थान-समय पर जीवित गणना।

1
☀️

सूर्य

Sun

मेष

राशि

मेष

अंश

25.33°

स्थिति

25.3°

2
🌙

चन्द्र

Moon

मकर

राशि

मकर

अंश

28.82°

स्थिति

298.8°

3
🔴

मंगल

Mars

मीन

राशि

मीन

अंश

28.92°

स्थिति

358.9°

4
🟢

बुध

Mercury

मेष

राशि

मेष

अंश

19.98°

स्थिति

20.0°

5
🟡

गुरु

Jupiter

मिथुन

राशि

मिथुन

अंश

25.74°

स्थिति

85.7°

6
💎

शुक्र

Venus

वृषभ

राशि

वृषभ

अंश

25.07°

स्थिति

55.1°

7
🪐

शनि

Saturn

मीन

राशि

मीन

अंश

15.49°

स्थिति

345.5°

8
🐍

राहु

Rahu

कुम्भ

राशि

कुम्भ

अंश

11.11°

स्थिति

311.1°

9
☄️

केतु

Ketu

सिंह

राशि

सिंह

अंश

11.11°

स्थिति

131.1°

🌟

नवग्रह का महत्व

☀️
सूर्य: आत्मा, पिता, राजसत्ता, स्वास्थ्य
🌙
चन्द्र: मन, माता, भावनाएं, मानसिक शक्ति
🔴
मंगल: शक्ति, साहस, भाई, भूमि, रक्त
🟢
बुध: बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित
🟡
गुरु: ज्ञान, धर्म, गुरु, संतान, भाग्य
💎
शुक्र: प्रेम, सौंदर्य, कला, विवाह, वाहन
🪐
शनि: कर्म, न्याय, अनुशासन, दीर्घायु
🐍
राहु: भ्रम, विदेश, तकनीक, अचानक परिवर्तन
☄️
केतु: मोक्ष, आध्यात्म, वैराग्य, गुप्त ज्ञान

— नवग्रह कृपा से, जीवन सदा मंगलमय —

ग्रह-स्थिति (Planet Positions) — किसी विशेष-तिथि और समय पर 9 ग्रहों की राशि-स्थिति। ज्योतिष का आधार। प्रत्येक ग्रह 12 राशियों में से किसी एक में होगा — कुछ अपनी-राशि में (श्रेष्ठ), कुछ उच्च (सर्वश्रेष्ठ), कुछ नीच (अशुभ), कुछ शत्रु-राशि में।

हमारा साइट लाहिरी अयनांश + जीन मीयस (NASA-grade) एल्गोरिथम से वास्तविक-समय की सटीक ग्रह-स्थिति देता है। मई 2026 का सूर्य वृषभ में, चन्द्रमा बदलता रहता है (हर 2.25 दिन), बृहस्पति मिथुन में (14 मई के बाद), शनि कुम्भ में, राहु-केतु कुम्भ-सिंह में (नवम्बर तक), मंगल बदलते राशि में।

9 ग्रहों की मूल-स्थितियाँ

सूर्य: स्व-राशि सिंह। उच्च मेष (10°), नीच तुला (10°)। मित्र-राशि कर्क, धनु, मीन। शत्रु-राशि वृषभ, मकर, कुम्भ।

चन्द्रमा: स्व-राशि कर्क। उच्च वृषभ (3°), नीच वृश्चिक (3°)। मित्र मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मीन। शत्रु कोई नहीं।

मंगल: स्व मेष-वृश्चिक। उच्च मकर (28°), नीच कर्क (28°)। मित्र सिंह, धनु, मीन। शत्रु बुध-शुक्र की राशियाँ।

बुध: स्व मिथुन-कन्या। उच्च कन्या (15°), नीच मीन (15°)। मित्र वृषभ, तुला। शत्रु चन्द्र की राशि।

बृहस्पति: स्व धनु-मीन। उच्च कर्क (5°), नीच मकर (5°)। मित्र मेष, सिंह, वृश्चिक। शत्रु बुध-शुक्र की राशियाँ।

शुक्र: स्व वृषभ-तुला। उच्च मीन (27°), नीच कन्या (27°)। मित्र मिथुन, मकर, कुम्भ। शत्रु रवि-चन्द्र की राशियाँ।

शनि: स्व मकर-कुम्भ। उच्च तुला (20°), नीच मेष (20°)। मित्र मिथुन, कन्या। शत्रु मेष, सिंह, वृश्चिक।

राहु: कुछ कहते — स्व मिथुन/कन्या (बुध-राशि), उच्च वृषभ। केतु: स्व धनु/मीन, उच्च वृश्चिक। (तंत्र-शास्त्र भिन्न मत)।

मई 2026 की ग्रह-स्थिति

सूर्य: 14 मई तक मेष (उच्च-राशि — सबसे शुभ)। 14 मई से वृषभ। 14 जून से मिथुन।

चन्द्रमा: हर 2.25 दिन में नई राशि। उदाहरण — 1 मई कर्क-स्व-राशि, 2-3 मई सिंह, 4-5 मई कन्या, 6-7 मई तुला, 8-9 मई वृश्चिक-नीच। पञ्चांग देखें।

मंगल: मई में मिथुन। शुभ। जून-जुलाई में कर्क — नीच (विवाह आदि स्थगित)।

बुध: 7 मई तक मेष, 7 मई से वृषभ, 21 मई से मिथुन-स्व-राशि। 11 जून-1 जुलाई वक्री।

बृहस्पति: 14 मई तक वृषभ, 14 मई से मिथुन-स्व-राशि (शुभ-काल शुरू)।

शुक्र: मई में वृषभ-स्व-राशि। शुभ-योग। विवाह-यात्रा-कला सब शुभ।

शनि: कुम्भ-स्व-राशि। साढ़ेसाती कुम्भ-राशि वालों पर।

राहु: कुम्भ। केतु: सिंह। नवम्बर 2026 में मकर-कर्क।

ग्रह-स्थिति का प्रभाव

उच्च-स्थिति (Exalted): ग्रह सबसे शक्तिशाली। उत्तम-फल। उदा. — सूर्य मेष में → व्यक्ति आत्मविश्वासी, नेता, यशस्वी। बृहस्पति कर्क में → ज्ञान-धन-स्वास्थ्य।

नीच-स्थिति (Debilitated): सबसे कमजोर। अशुभ-फल। उदा. — सूर्य तुला में → आत्मविश्वास-कमी, पिता-कष्ट। शुक्र कन्या में → प्रेम-वैवाहिक-कष्ट। पर "नीच-भंग-राज-योग" से नीच भी राज-योग बन सकता है।

स्व-राशि (Own): ग्रह अपनी राशि में। श्रेष्ठ। उदा. — चन्द्रमा कर्क में → भावनात्मक-स्थिर, कलाकार, माता-सम्बन्ध शुभ।

मित्र-राशि (Friendly): शुभ-फल। शत्रु-राशि (Enemy): अशुभ। मूल-त्रिकोण (Mool-Trikon): स्व से थोड़ा कम पर बहुत शुभ — सूर्य 0-20° सिंह, चन्द्र 4-30° वृषभ, मंगल 0-12° मेष आदि।

वक्री-ग्रह (Retrograde Planets)

जब ग्रह आकाश में पीछे की ओर चलते हुए दिखे — वक्री। 5 ग्रह वक्री होते हैं — मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि। राहु-केतु सदा वक्री। सूर्य-चन्द्र कभी वक्री नहीं।

वक्री-फल: ग्रह की शक्ति "उल्टी" काम करती है। शुभ-ग्रह वक्री हो तो शुभ-फल कम। अशुभ-ग्रह वक्री हो तो अशुभ-फल कम। पर ज्योतिष-शास्त्र अनुसार वक्री-ग्रह 1.5-गुना शक्तिशाली होते हैं।

2026 के वक्री-ग्रह: बुध — 11 जून-1 जुलाई, 9 अक्टूबर-29 अक्टूबर, 13 दिसम्बर-1 जनवरी 2027। शुक्र — दिसम्बर। मंगल — कोई वक्री नहीं। बृहस्पति — कोई नहीं। शनि — 4 जुलाई-19 नवम्बर (साढ़ेसाती-वालों के लिए — कुछ राहत)।

वक्री-काल में: नये कार्य से बचें। पुराने सुधार करें। यात्रा-संचार-तकनीक में सावधानी (बुध-वक्री)। लम्बा-लेन-देन-सम्बन्ध (शुक्र-वक्री) पर पुनर्विचार।

ग्रह-अस्त (Combust Planets)

जब ग्रह सूर्य के पास आ जाये (कुछ अंशों में) — "अस्त"। ग्रह की शक्ति कम। सीमायें: चन्द्रमा 12°, मंगल 17°, बुध 14° (मार्गी), 12° (वक्री), बृहस्पति 11°, शुक्र 10° (मार्गी), 8° (वक्री), शनि 15°।

अस्त-ग्रह का प्रभाव: फल कम। शुभ-ग्रह अस्त — अधिक हानि। अशुभ-ग्रह अस्त — कम हानि।

विवाह-समय में अस्त-गुरु (बृहस्पति-अस्त) वर्जित — गुरु-अस्त-दोष। शुक्र-अस्त भी वर्जित। 2026 में: गुरु-अस्त 23 अप्रैल-22 मई। शुक्र-अस्त बीच में दो बार।

विशेष: यदि ग्रह सूर्य के साथ युति में (बहुत निकट) — पूर्ण-अस्त। यदि उससे अधिक दूर पर सीमा के अन्दर — आंशिक-अस्त।

जन्म-कुण्डली में ग्रह-स्थिति

जन्म के समय जो ग्रह-स्थिति होती है — वही जीवन-भर का कुण्डली-आधार। 12 भाव × 12 राशि × 9 ग्रह = असंख्य-संयोजन। प्रत्येक व्यक्ति की कुण्डली अद्वितीय।

ग्रह-दशा: विंशोत्तरी-दशा अनुसार 120 वर्ष का चक्र। प्रत्येक ग्रह की दशा-अवधि: सूर्य 6, चन्द्र 10, मंगल 7, राहु 18, बृहस्पति 16, शनि 19, बुध 17, केतु 7, शुक्र 20। जन्म-नक्षत्र से दशा-स्वामी।

अन्तर्दशा: मुख्य-दशा के भीतर उप-काल। उदा. — शनि-दशा (19 वर्ष) में बुध-अन्तर्दशा 2.7 वर्ष। वर्तमान दशा-अन्तर्दशा से जीवन की वर्तमान-स्थिति।

मुख्य योग: राज-योग (सत्ता-यश), धन-योग (सम्पत्ति), विद्या-योग (ज्ञान), सर्व-शुभ-योग (सब शुभ), विपरीत-राज-योग (अशुभ से शुभ)। 100+ योग-प्रकार।

📊9 ग्रहों की उच्च-नीच-स्व-मूलत्रिकोण-स्थिति

ग्रहस्व-राशिउच्च (अंश)नीच (अंश)मूल-त्रिकोण
सूर्यसिंहमेष (10°)तुला (10°)सिंह (0-20°)
चन्द्रमाकर्कवृषभ (3°)वृश्चिक (3°)वृषभ (4-30°)
मंगलमेष, वृश्चिकमकर (28°)कर्क (28°)मेष (0-12°)
बुधमिथुन, कन्याकन्या (15°)मीन (15°)कन्या (16-20°)
बृहस्पतिधनु, मीनकर्क (5°)मकर (5°)धनु (0-10°)
शुक्रवृषभ, तुलामीन (27°)कन्या (27°)तुला (0-15°)
शनिमकर, कुम्भतुला (20°)मेष (20°)कुम्भ (0-20°)
राहुमिथुन/कन्या (मतान्तर)वृषभवृश्चिक/धनु
केतुधनु/मीन (मतान्तर)वृश्चिकवृषभ

उच्च = सर्वश्रेष्ठ शक्ति। नीच = न्यूनतम। स्व-राशि-मूल-त्रिकोण भी अति-शुभ।

📊2026 में मुख्य ग्रह-स्थितियाँ

तिथिग्रह-घटनाराशि-स्थितिप्रभाव
1 जनवरी 2026शनि कुम्भ-स्व-राशिपूर्ण-वर्ष कुम्भ मेंसाढ़े-साती: कुम्भ-मीन-मेष
14 जनवरी 2026सूर्य मकर-संक्रान्तिसूर्य धनु→मकरउत्तरायण-प्रारम्भ
17 फरवरी 2026सूर्य-ग्रहण (कुम्भ)सूर्य कुम्भभारत में अदृश्य
3 मार्च 2026चन्द्र-ग्रहणचन्द्रमा कन्याभारत में आंशिक-दृश्य
14 अप्रैल 2026सूर्य मेष-संक्रान्तिसूर्य उच्च-राशिसर्वोत्तम-काल
23 अप्रैल 2026गुरु-अस्त शुरूगुरु कुछ-दिन अस्तविवाह-वर्जित-काल
14 मई 2026गुरु वृषभ→मिथुनगुरु-स्व-राशि12-महीना शुभ-काल
11 जून-1 जुलाईबुध-वक्रीबुध मिथुनव्यापार-संचार-सावधानी
25 जुलाई 2026देवशयनी-एकादशीविष्णु-निद्राचातुर्मास-प्रारम्भ
12 अगस्त 2026सूर्य-ग्रहण (पूर्ण)सूर्य कर्कउत्तरी-गोलार्ध, भारत-अदृश्य
20 नवम्बर 2026देवउठनी-एकादशीविष्णु-जागरणचातुर्मास-समाप्त
28 नवम्बर 2026राहु-केतु बदलावराहु कुम्भ→मकर, केतु सिंह→कर्क18-महीना नया-गोचर

📋ग्रह-स्थिति-विश्लेषण की 7-चरण विधि

  1. 1

    जन्म-कुण्डली निकालें

    जन्म-तिथि, समय, स्थान से हमारे कैल्कुलेटर पर मुफ्त। 9 ग्रहों की भाव-स्थिति।

  2. 2

    प्रत्येक ग्रह की स्थिति पहचानें

    किस-राशि-में, किस-भाव-में, अंश। उच्च/नीच/स्व/मूल-त्रिकोण/शत्रु/मित्र पहचानें।

  3. 3

    वर्तमान-गोचर देखें

    आज की 9 ग्रहों की राशि-स्थिति। हमारी "ग्रह-स्थिति" पेज पर live।

  4. 4

    जन्म से वर्तमान-तुलना

    जन्म-समय की स्थिति बनाम वर्तमान। महत्त्वपूर्ण-गोचर — बृहस्पति-शनि-राहु-केतु।

  5. 5

    दशा-काल पहचानें

    जन्म-नक्षत्र से वर्तमान-महादशा एवं अन्तर्दशा। दशा-स्वामी का बल देखें।

  6. 6

    योग-दोष-जाँच

    राज-योग, धन-योग, विद्या-योग, मांगलिक-दोष, काल-सर्प-योग, कर्तरी-योग।

  7. 7

    फल एवं उपाय

    शुभ-योग को उपयोग करें। दोष-शान्ति के लिए मन्त्र-व्रत-दान-रत्न (ज्योतिषी-परामर्श)।

⚠️सामान्य भूलें — क्या न करें

  • पुराने/गलत-जन्म-समय से कुण्डली

    क्यों: 4 मिनट की त्रुटि = 1° लग्न-त्रुटि। 30+ मिनट से लग्न ही गलत हो सकता।

    सही उपाय: अस्पताल-रिकॉर्ड, माता/पिता से सटीक-समय। यदि उपलब्ध नहीं — Birth Time Rectification।

  • सायन-ग्रह-स्थिति (Western) को वैदिक मानना

    क्यों: Western = Tropical (सायन)। Vedic = Sidereal (निरयण)। 24°+ का अंतर। पूरी राशि बदल सकती।

    सही उपाय: Lahiri Ayanamsa के साथ निरयण-ग्रह-स्थिति। हमारे कैल्कुलेटर पर निरयण-default।

  • केवल-नीच-ग्रह से डरना (नीच-भंग नहीं देखना)

    क्यों: नीच-भंग-राज-योग = नीच-ग्रह से बड़ी-सफलता। केवल नीच-स्थिति से निर्णय अधूरा।

    सही उपाय: नीच-भंग की 4 शर्तें देखें: 1) नीच-ग्रह का स्वामी केन्द्र-त्रिकोण में 2) नीच-राशि का स्वामी केन्द्र-त्रिकोण में 3) उच्च-राशि का स्वामी केन्द्र-त्रिकोण में 4) मूल-त्रिकोण-राशि-स्वामी-स्थिति।

  • वक्री-ग्रह को सदैव-अशुभ मानना

    क्यों: वक्री-ग्रह 1.5x शक्तिशाली। शुभ-ग्रह वक्री = अधिक-शुभ। अशुभ-ग्रह वक्री = शक्ति-कम।

    सही उपाय: गुरु-शुक्र वक्री हो तो अशुभ-कार्य के लिए। शनि-राहु वक्री = कुछ-राहत।

  • अस्त-ग्रह को नज़रअन्दाज करना

    क्यों: सूर्य के पास ग्रह = अस्त (combust)। शक्ति-कम। विशेष: गुरु-अस्त + शुक्र-अस्त में विवाह-वर्जित।

    सही उपाय: 2026 गुरु-अस्त: 23 अप्रैल-22 मई। शुक्र-अस्त: मार्च-मई के बीच। इन-काल विवाह न।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरे लिए सबसे शुभ ग्रह कौन-सा है?

जन्म-कुण्डली से ही पता चलता है। लग्न के स्वामी, 5वें-9वें भाव के स्वामी (त्रिकोण-स्वामी) सबसे शुभ। उच्च-स्व-राशि में हो तो और शुभ। अशुभ — 6वें-8वें-12वें भाव के स्वामी। पर सबकी कुण्डली भिन्न — सटीक के लिए ज्योतिषी से।

पंचांग में ग्रह-स्थिति कैसे देखें?

दैनिक-पंचांग में: सूर्योदय-समय की ग्रह-स्थिति। हमारे "ग्रह-स्थिति" पेज पर — रियल-टाइम स्थिति, राशि, अंश-कला, गति (मार्गी/वक्री), अस्त-स्थिति, बल — सब विस्तार से। नक्षत्र भी।

क्या ग्रह सच में हमें प्रभावित करते हैं?

पारम्परिक-दृष्टि से — हाँ, ब्रह्माण्ड एक विशाल चुम्बकीय-क्षेत्र, ग्रह-गति का प्रभाव। आधुनिक-वैज्ञानिक-दृष्टि — सिद्ध नहीं (कौसल/Carlson जैसे अध्ययनों में)। पर हजारों-वर्षों के अनुभव-आधारित ज्ञान। श्रद्धा से अपनायें — पर "Free Will" को न भूलें। ग्रह सम्भावना देते हैं, निर्णय आपका।

क्या मैं स्वयं ग्रह-स्थिति निकाल सकता हूँ?

जटिल खगोल-गणित आवश्यक — Lahiri Ayanamsa, Jean Meeus algorithms। आम-व्यक्ति के लिए ज्योतिष-सॉफ्टवेयर/वेबसाइट सर्वश्रेष्ठ। हमारे "Planet Positions Calculator" पर रियल-टाइम — मुफ्त। Drik-Panchang, Astro-Sage भी अच्छे।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।