पीपल वृक्ष पूजा

त्रिमूर्ति-वास का सर्व-पवित्र-वृक्ष

देवता

त्रिमूर्ति

पूजा-दिन

शनिवार

विशेष

रात-में-O₂

पीपल-वृक्ष — हिन्दू-धर्म का सर्व-पवित्र-वृक्ष। ब्रह्मा (मूल), विष्णु (तना), शिव (पत्ते) तीनों-निवास। बुद्ध को बोधि-वृक्ष-नीचे ज्ञान।

गीता: "अश्वत्थ:सर्व-वृक्षाणाम्" (सब वृक्षों में पीपल मैं हूँ)। पुराण-शास्त्र-वर्णित।

धार्मिक-महत्त्व

ब्रह्मा-विष्णु-शिव त्रिमूर्ति-वास।

लक्ष्मी का प्रिय-वृक्ष।

शनि-दोष-निवारक।

पितृ-वास।

पीपल-काटना महा-पाप।

पीपल-छाया में भोजन शुभ।

पीपल-नीचे ध्यान आध्यात्मिक-शक्ति।

पूजा-विधि

**शनिवार**: सर्वोत्तम-दिन।

प्रातः-स्नान।

सरसों-तेल-दीपक मूल पर।

जल + दूध + चीनी।

7-परिक्रमा।

मंगलवार-वर्जित (अशुभ)।

मन्त्र: "अश्वत्थ-वासिने श्री हरि नमः"।

विशेष-उपाय

**शनि-दोष**: शनिवार पीपल-तेल-दीप 7 शनिवार।

**पितृ-दोष**: अमावस्या पर पूजा।

**बीमारी**: रोगी का नाम लेकर परिक्रमा।

**सन्तान**: स्त्रियाँ पीपल-तने में धागा।

**विवाह**: पीपल-वट-विवाह (कुम्भ-विवाह-तुल्य)।

**विद्या**: छात्र पीपल-पत्र पुस्तक में।

वैज्ञानिक-तथ्य

एकमात्र-वृक्ष जो रात में भी ऑक्सीजन देता।

24×7 ऑक्सीजन-स्रोत।

100+ वर्ष आयु।

30 मीटर ऊँचा।

औषधीय: छाल पाचन-सुधार। पत्ते मधुमेह।

पर्यावरण-मित्र।

कार्बन-शोषक।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीपल काटना पाप क्यों?

त्रिमूर्ति-वास। पुराण-निषेध। आधुनिक: पर्यावरण-हानि। यदि अनिवार्य: यज्ञ + नया-वृक्षारोपण।

पीपल-नीचे क्यों न-सोयें?

मान्यता: रात्रि में पितृ-निवास। आधुनिक: रात में अधिक-ऑक्सीजन-स्तर ठीक नहीं सब-को।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।